अमेरिका के साथ किसी भी समझौते के लिए ईरान की 7 शर्तें जरूरी, तेहरान ने जताया कड़ा रुख
ईरान ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते के लिए उसकी 7 शर्तों को मानना जरूरी है, वरना बातचीत संभव नहीं।

तेहरान: ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी संभावित समझौते को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी तय की गई सात शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। आईआरएनए न्यूज एजेंसी की 31 अक्टूबर, 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जब तक अमेरिकी प्रशासन इन सात मांगों को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं करता, तब तक राजनयिक बातचीत में कोई सार्थक प्रगति होना नामुमकिन है।
हालांकि इन शर्तों की पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ समेत ईरान के कई उच्चाधिकारियों ने मुख्य मांगों का जिक्र किया है। इनमें सभी आर्थिक प्रतिबंधों और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तुरंत हटाने की मांग शामिल है। साथ ही, ईरान ने अपनी जमी हुई संपत्तियों को वापस करने की शर्त रखी है।
ईरान की अन्य प्रमुख मांगों में क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी और देश के खिलाफ सभी अमेरिकी सैन्य अभियानों व धमकियों को बंद करना शामिल है। इसके अलावा, तेहरान ने युद्ध से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग की है।
इन चर्चाओं के लिए कतर मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और राजनयिक चैनल मुख्य रूप से उसी के जरिए संचालित हो रहे हैं।
वाशिंगटन की ओर से हाल ही में कुछ पहल की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 अक्टूबर, 2026 को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक पत्र भेजा था। ईरानी नेतृत्व ने यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने अभी तक इस पत्र का कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया है। तेहरान के अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में किसी भी तरह की बातचीत पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका उनकी सात शर्तों के ढांचे को स्वीकार करता है या नहीं।