अमेरिका के बातचीत प्रस्ताव पर बोले ईरानी विदेश मंत्री, कहा- यह सकारात्मक कदम
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के संवाद प्रस्ताव को सकारात्मक बताया, लेकिन सीधी बातचीत से इनकार किया।

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका द्वारा दिए गए बातचीत के प्रस्ताव को एक सकारात्मक कदम बताया है। अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पत्र के जरिए संवाद की यह पहल की गई है। हालांकि, उन्होंने यह साफ कर दिया कि फिलहाल ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत की कोई योजना नहीं है और मीडिया में चल रही अटकलें गलत हैं।
वर्तमान में बातचीत की प्रक्रिया जारी है और ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल और अराघची के एक सहायक दोहा, कतर में मौजूद हैं। इससे पहले शुक्रवार, 30 अक्टूबर को तेहरान में 12 घंटे से ज्यादा समय तक मैराथन सत्र चले थे। इस पूरी प्रक्रिया में कतर और पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
अराघची ने बताया कि तेहरान फिलहाल अपने परमाणु कार्यक्रम और व्यापक राजनयिक ढांचे से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत तभी आगे बढ़ सकती है जब वॉशिंगटन ईरान की कुछ खास शर्तों को पूरा करे।
ईरान की शर्तों में इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों की संख्या कम करना और ईरानी तेल निर्यात के लिए प्रतिबंधों में छूट बहाल करना शामिल है। इसके अलावा, कतर में रखे गए फंड सहित ईरान की सभी जमी हुई राशि को वापस करने की मांग की गई है।
इन शर्तों के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए एक नए शिपिंग रूट की औपचारिक मान्यता भी मांगी गई है। विदेश मंत्री ने बताया कि मध्यस्थों की कोशिशों से एक ऐसा प्रस्ताव तैयार हुआ है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की कार्यान्वयन अवधि को घटाकर दो दिन किया जा सके।
राजनयिक प्रयासों के बीच अराघची ने कहा कि ईरान हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है और उन्होंने संघर्ष की संभावना से इनकार नहीं किया है। अल-अरबी अल-जदीद जैसे आउटलेट्स ने दोहा में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के आने या किसी बड़ी सफलता की खबरें दी थीं, लेकिन ईरानी आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अभी केवल प्रस्तावों की समीक्षा चल रही है और कोई सीधी बैठक तय नहीं है।