ईरान-अमेरिका कूटनीति की पहल जारी, प्रतिबंधों और रक्षा पर तेहरान का दोहरा रुख

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि तेहरान कूटनीति के जरिए अपने राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाना चाहता है। इसमें अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंध हटवाने की कोशिश भी शामिल है। साथ ही उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि देश की रक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। यानी बातचीत का दरवाजा खुला है, लेकिन हथियार नीचे रखने की कोई योजना नहीं है।
अराघची के मुताबिक ईरान कूटनीति और रक्षा को एक-दूसरे के खिलाफ नहीं देखता। विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान मध्यस्थों के जरिए जारी है। इन मध्यस्थों में कतर और पाकिस्तान का नाम लिया गया है। फिलहाल तेहरान यह आकलन कर रहा है कि वाशिंगटन ने उसकी सात-सूत्रीय योजना पर क्या जवाब दिया है।
यह सात-सूत्रीय योजना संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पेश की गई थी। इसमें नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने, शत्रुता रोकने और ईरान की जमी हुई संपत्तियां जारी करने जैसी मांगें शामिल हैं। विदेश मंत्रालय में कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने बताया कि अमेरिकी प्रतिक्रिया की समीक्षा चल रही है।
अमेरिकी जवाब पर तेहरान में असंतोष
हालांकि सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रज़ाई ने अमेरिकी जवाब को "अपर्याप्त" बताया। उनका कहना था कि ईरान पुराने कूटनीतिक ढांचों की तरफ लौटने को तैयार नहीं है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सात-दिवसीय पहल को अस्वीकार्य करार दिया है। यानी दोनों तरफ से सख्त बयान आ रहे हैं, जबकि पर्दे के पीछे बातचीत के रास्ते तलाशे जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक साफ लाइन खींची। उनके मुताबिक ईरान परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह "शून्य से शुरुआत" नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पिछली शिकायतों और मौजूदा भू-राजनीतिक हालात, दोनों को ध्यान में रखना होगा। साथ ही तेहरान ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा अमेरिका की रियायतों पर निर्भर करती है, जिनमें नाकेबंदी खत्म करना और पेट्रोलियम प्रतिबंध हटाना शामिल है।
इसी बीच ब्रिटेन ने भी तनाव बढ़ने के संकेत दिए हैं। ब्रिटेन और 29 देशों के गठबंधन ने ईरान की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों की निंदा की है। ब्रिटिश सरकार के अनुसार विदेश सचिव एड मिलिबैंड ने दो ईरानी नागरिकों पर लगे प्रतिबंधों और रॉयल एयर फोर्स के फेयरफोर्ड ठिकाने को धम