ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी, दोहा से रवाना हुआ ईरानी प्रतिनिधिमंडल

ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के जरिए राजनयिक वार्ता जारी है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल दोहा से रवाना हो गया है, लेकिन बातचीत टूटी नहीं है।

Gautam Sahu2 November 20262 min read0 viewsWorld
ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी, दोहा से रवाना हुआ ईरानी प्रतिनिधिमंडल

दोहा (कतर): ईरान का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल रविवार, 1 नवंबर 2026 को कतर की राजधानी दोहा से रवाना हो गया। इस प्रतिनिधिमंडल में उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी शामिल थे। हालांकि, उनके जाने का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका के साथ चल रही बातचीत रुक गई है।

अल जजीरा को जानकारी देने वाले एक राजनयिक के मुताबिक, बातचीत टूटी नहीं है और मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष परामर्श जारी है। इसका मकसद दोनों पक्षों के बीच मौजूद मतभेदों को दूर करना है। कतर और पाकिस्तान के राजनयिक प्रयासों से दोहा में ये चर्चाएं की गईं, ताकि क्षेत्रीय संघर्ष को खत्म करने का रास्ता निकाला जा सके।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने प्रतिनिधिमंडल के दौरे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य वाशिंगटन के साथ संदेशों का आदान-प्रदान करना था और राजनयिक चैनल अभी भी सक्रिय हैं। फिलहाल सभी संबंधित पक्षों को समीक्षा के लिए एक मसौदा समझौता प्रस्ताव भेजा गया है और भविष्य में फिर से बैठकें होने की संभावना है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इन चर्चाओं के केंद्र में ईरान का वह प्रस्ताव है जिसमें उसने दो दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की बात कही है। हालांकि, तेहरान ने इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करे और उसकी प्रमुख मांगों को पूरा करे।

ईरान की मांगों में अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को कम करना, जमी हुई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना और तेल प्रतिबंधों में छूट बहाल करना शामिल है। तेहरान और वाशिंगटन के बीच इस पूरी प्रक्रिया में काफी अप्रत्यक्ष संचार हुआ है।

खबरों के मुताबिक, ईरानी पक्ष को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक संदेश मिला है, जिसकी समीक्षा की गई है। इस पूरी राजनयिक प्रक्रिया के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची देश के रुख और विशिष्ट शर्तों को सामने रखने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

Share:

Comments

Leave a comment