ईरान: अमेरिका ने सात शर्तों में कुछ मानीं, जवाब 'अपर्याप्त'

तेहरान: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रज़ाई ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए ईरान की सात शर्तों में से कुछ मान ली हैं। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वाशिंगटन का जवाब उनकी नज़र में अपर्याप्त है।
रज़ाई ने एक्स पर लिखा कि ईरान की कूटनीति बदल चुकी है और अब पुरानी स्थिति में लौटना संभव नहीं होगा। उनके इस बयान से साफ है कि तेहरान बातचीत के दरवाज़े पूरी तरह बंद नहीं कर रहा, पर अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार भी नहीं दिखता।
इससे पहले ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर घालिबाफ़ ने कहा था कि होर्मुज़ तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका जून में हुए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन के आधार पर बनी सात शर्तें पूरी नहीं करता। घालिबाफ़ ने यह भी बताया कि अमेरिका ने हाल में एक मध्यस्थ के ज़रिए कुछ प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन ईरान का रुख़ स्पष्ट है।
अल जज़ीरा के मुताबिक, ईरान ने जो शर्तें रखी हैं, उनमें अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना और ईरानी तेल की बिक्री पर लगी पाबंदियां हटाना शामिल है। ईरान का कहना है कि अगर ये शर्तें पूरी होती हैं तो वह होर्मुज़ खोलने और बातचीत फिर से शुरू करने पर विचार करेगा। पिछले महीने ईरान ने कतर के मध्यस्थों के ज़रिए ये सात शर्तें अमेरिका तक पहुंचाई थीं, ताकि मौजूदा संघर्ष खत्म करने के लिए बातचीत शुरू हो सके।
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