ईरानी वार्ताकार दोहा से लौटे, ईरान बोला– बातचीत टूटी नहीं, ड्राफ्ट की समीक्षा होगी
ईरान और अमेरिका के बीच कतर की मदद से सात सूत्री शांति योजना पर बातचीत चल रही है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा मुख्य मुद्दा है।

दोहा: ईरान और अमेरिका के बीच कतर की मध्यस्थता में अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है। इस चर्चा का मुख्य केंद्र एक सात सूत्री शांति योजना है, जिसके जरिए दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश की जा रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने बताया कि यह प्रस्ताव सितंबर में पेश किया गया था। उन्होंने कहा कि अगर ईरान की विशिष्ट मांगों को पूरा किया जाता है, तो इस योजना को दो दिनों के भीतर लागू किया जा सकता है।
इस पूरी प्रक्रिया में संदेशों के आदान-प्रदान के लिए ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबबादी दोहा में रहे हैं। ईरानी वार्ताकार रविवार, 1 नवंबर 2026 को दोहा से रवाना हो गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वार्ताकारों की रवानगी का मतलब बातचीत का टूटना नहीं है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि प्रसारित ड्राफ्ट प्रस्ताव की समीक्षा की जा सके। आने वाले समय में एक और फॉलो-अप बैठक की संभावना बनी हुई है।
इस शांति योजना में मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और उसकी सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है। बगाए ने जोर देकर कहा कि जब तक अमेरिका ईरान पर लगाया गया नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और ईरान की वैध आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता, तब तक कोई अंतिम समझौता नहीं होगा और जलडमरूमध्य बंद रहेगा।
तेहरान का कहना है कि मौजूदा राजनयिक बातचीत का मतलब बाहरी शर्तों को स्वीकार करना नहीं है। ईरान ने साफ किया है कि किसी भी तरह की प्रगति पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका ईरान की बताई गई मांगों पर सहमत होता है या नहीं।