ट्रंप की सैन्य धमकी के बीच ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को भेजा नया परमाणु प्रस्ताव

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले के संकेत दिए हैं, जिसके बाद ईरान ने कतर के जरिए नया परमाणु प्रस्ताव भेजा है।

Gautam Sahu6 November 20262 min read0 viewsWorld
ट्रंप की सैन्य धमकी के बीच ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को भेजा नया परमाणु प्रस्ताव

तेहरान: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले के संकेतों के बाद ईरान ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अपनी कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं। 6 नवंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस तनावपूर्ण माहौल को संभालने के लिए क्षेत्रीय समकक्षों के साथ लगातार जरूरी बातचीत कर रहे हैं।

ईरान ने कतर के माध्यम से अमेरिका को एक नया परमाणु प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में सात विशिष्ट शर्तें रखी गई हैं, जिनमें आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और युद्ध से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग शामिल है।

दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बात कर क्षेत्रीय तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा की है। ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि शांति समझौते या देश के बचे हुए हिस्से को "नष्ट करने" के लिए नए सैन्य हमलों के बीच फैसला बहुत जल्द लिया जाएगा।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

ट्रंप फिलहाल अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ संभावित सैन्य अभियानों का मूल्यांकन कर रहे हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी ड्रोनों को नष्ट करने का दावा किया है।

इस गतिरोध को सुलझाने के लिए सऊदी अरब चीन, ओमान और कतर के जरिए बहु-स्तरीय कूटनीतिक पहल कर रहा है। इसके अलावा, रूस भी इस मामले में शामिल है, जहां राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रज़ाई के बीच बैठकें हुई हैं। इराक भी इन अंतरराष्ट्रीय कोशिशों में सक्रिय है।

यह स्थिति 3 नवंबर 2026 को हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद पैदा हुई है, जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। हालांकि डेमोक्रेटिक नेता सैन्य अभियानों को रोकने की वकालत करना चाहते हैं, लेकिन जनवरी 2027 में नई कांग्रेस के convening होने तक कार्यकारी अधिकार राष्ट्रपति ट्रंप के पास ही रहेंगे।

क्षेत्रीय राजधानियों में सैन्य हमलों की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि 9 नवंबर 2026 को होने वाला "नया चांद" सैन्य कार्रवाई के लिए एक अनुकूल समय माना जाता है। इस संकट में सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी मुख्य भूमिका में हैं।

Share:

Comments

Leave a comment