शांति वार्ता शुरू करने के लिए ईरान को जेडी वेंस का पत्र मिला लेकिन तेहरान ने नहीं दिया जवाब
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को पत्र भेजकर शांति वार्ता शुरू करने की कोशिश की है, लेकिन तेहरान ने अभी जवाब नहीं दिया है।

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिशों के बीच ईरान को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक पत्र मिला है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान को यह पत्र मिल चुका है, लेकिन अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। तस्नीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने इस बात की पुष्टि की है कि पत्र प्राप्त हो गया है पर जवाब का इंतजार है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, जेडी वेंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर यह पत्र ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई को भेजा है। इस पत्र का मुख्य उद्देश्य बातचीत को दोबारा शुरू करना और अमेरिका द्वारा किए जाने वाले और सैन्य हमलों को रोकना है। खबरों के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत किसी तय शांति समझौते के बजाय बातचीत के एक संभावित ढांचे पर केंद्रित रही है।
दोनों देशों के बीच युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमले किए थे। इन हमलों में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनी और कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में तेहरान ने इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले व्यावसायिक शिपिंग पर सख्त पाबंदियां लगा दीं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की तेल खपत के लगभग पांचवें हिस्से के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वहीं दूसरी ओर, वाशिंगटन ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध खत्म करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो पाया है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को बताया कि तेहरान युद्ध खत्म करने और समुद्री मार्ग को फिर से खोलने के लिए मध्यस्थों के साथ एक प्रस्ताव पर चर्चा कर रहा है। हालांकि, ईरान का कहना है कि जलडमरूमध्य को खोलने से पहले वाशिंगटन को सात सख्त शर्तों को मानना होगा।
इन शर्तों में क्षेत्रीय युद्धविराम, विदेशों में जमा ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करना, तेल उद्योग पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाना और अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई नाकाबंदी को तुरंत खत्म करना शामिल है। तस्नीम ने यह भी बताया कि ईरान द्वारा तय किए गए इस ढांचे को कमजोर करने वाली कोई भी स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी।