अमेरिका से जंग पर ईरान की बड़ी चेतावनी, बदल जाएगी युद्ध की पूरी रणनीति और भूगोल

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के प्रवक्ता Hossein Mohebbi ने 21 सितंबर 2026 को साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका ने आगे कोई भी सैन्य कार्रवाई की, तो ईरान अपनी रक्षा और जवाबी हमलों के तरीके पूरी तरह से बदल देगा। इस बयान के बाद से पूरे पश्चिम एशिया में हलचल मच गई है और लोग भविष्य को लेकर काफी डरे हुए हैं।
युद्ध के तौर-तरीके और हथियार बदलने की चेतावनी
ईरान के अधिकारी ने बताया कि आने वाले समय में अगर कोई नया संघर्ष शुरू होता है, तो उसमें इस्तेमाल होने वाले हथियार और युद्ध का भूगोल यानी इलाका पूरी तरह से बदला हुआ नजर आएगा। तेहरान ने यह भी साफ कर दिया है कि वे लंबी लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा, ईरान के Khatam al-Anbiya Central Headquarters ने भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमले किए, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और हितों पर लगातार और बहुत दर्दनाक हमले किए जाएंगे। सेना के इस कमांड ने यह भी कहा कि जो भी क्षेत्रीय देश अमेरिकी अभियानों में मदद करेंगे, उन्हें भी युद्ध में शामिल माना जाएगा और ईरान की सेना उन्हें बख्शेगी नहीं।
फरवरी से चल रहा है तनाव और अमेरिकी दूतावास की चेतावनी
यह पूरा विवाद इस साल फरवरी 2026 के बाद से और ज्यादा बढ़ गया है, जब अमेरिका और इस्राइल के हमलों से ईरान की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा था। IRGC का दावा है कि उनके पिछले मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से अमेरिका को अपने आस-पास के ठिकानों से अपने सैनिकों और साजो-सामान को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा, IRGC की एयरस्पेस फोर्स ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर अमेरिकी सेना के MQ-1 ड्रोन को गिराने का भी दावा किया था। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि ईरान में बने अमेरिकी वर्चुअल दूतावास ने तुरंत एक सुरक्षा अलर्ट जारी किया है और सभी अमेरिकी नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने के लिए कहा है। वहीं दूसरी ओर, USCENTCOM यानी अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के तहत 109 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया है।
कतर की मध्यस्थता और कूटनीतिक कोशिशें
इस तनाव को कम करने के लिए कतर की अगुवाई में बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। खबरों के मुताबिक, ईरान ने दोहा के जरिए अमेरिका के सामने 7 शर्तें रखी हैं। इन शर्तों में तेल निर्यात पर से पाबंदियां हटाना, रोके गए पैसों को वापस दिलाना और जहाजों की नाकेबंदी को खत्म करना शामिल है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, तो दूसरी तरफ क्षेत्रीय नजर रखने वालों का कहना है कि उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeskhian से मिलने की इच्छा भी जताई है। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप ANI News पर पढ़ सकते हैं।