अमेरिका और ईरान की जंग तेज, ईरान ने दी अमेरिकी सेना को खत्म करने की धमकी.

मध्य पूर्व में हालात दिन-प्रतिदिन बहुत ज्यादा खराब होते जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां ईरान ने अमेरिकी बलों पर लगातार हमले जारी रखने का खुला ऐलान कर दिया है। 2 सितंबर 2026 की इस स्थिति ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। आम लोग और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि यह विवाद आगे चलकर क्या रूप लेगा। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने हाल ही में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के ठिकानों पर भारी एयरस्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री जहाजों, कम्युनिकेशंस और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया गया था। इसके साथ ही अमेरिका ने अपनी नई 'टैंकर के बदले टैंकर' नीति के तहत ईरान के दो सरकारी टैंकरों को भी अपने निशाने पर लिया था।
मिसाइल और ड्रोन हमलों से थर्राया मध्य पूर्व
अमेरिकी हमलों के जवाब में IRGC ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। जॉर्डन की सेना ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने ईरानी क्षेत्र से दागी गईं 13 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 10 को हवा में ही रोक दिया, जबकि तीन मिसाइलें सुनसान इलाकों में आकर गिरीं। IRGC ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी मरीन कॉर्प्स बेस यानी कैंप टिटिन पर बहुत भीषण बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि इस हमले में अमेरिकी बेस की इमारतें पूरी तरह तबाह हो गईं और अमेरिकी सैनिकों को भारी नुकसान हुआ। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों में किसी भी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की बात से साफ इनकार किया है। इसके अलावा, बहरीन के एक मिलिट्री बेस, इराक के एरबिल में स्थित अमेरिकी बेस और कुवैत के कई ठिकानों पर भी ड्रोन और मिसाइल से हमले किए जाने की पुष्टि हुई है।
अमेरिका की कड़ी चेतावनी और आर्थिक युद्ध
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मामले पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने आगे भी कोई पलटवार किया, तो अमेरिका की तरफ से पहले से कहीं ज्यादा बड़े पैमाने पर और भारी हमला किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान ने तीसरी बार ऐसा कदम उठाया, तो उसे एक देश के रूप में पूरी तरह से नक्शे से मिटा दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक युद्ध शुरू करने का ऐलान किया है, जिससे उस देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह पंगु बनाया जा सके। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया कि अमेरिका ईरान के शैडो बैंकिंग सिस्टम यानी गुप्त बैंकिंग नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि दुनिया के लिए बेहद जरूरी ऊर्जा मार्ग यानी होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व कम हो सकता है क्योंकि इसके विकल्प के रूप में नई पाइपलाइनें विकसित की जा रही हैं।
ईरान का कड़ा रुख और जमीनी हालात
दूसरी तरफ ईरानी अधिकारी अपनी बात पर पूरी तरह अड़े हुए हैं। IRGC के प्रवक्ता सरदार मोहिबी ने कहा कि अमेरिका को उसकी इस आक्रामकता के लिए बहुत भारी सजा भुगतनी पड़ेगी। इसके अलावा ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने भी अमेरिकी हितों पर बेहद खतरनाक और कुचलने वाले प्रहार करने की कसम खाई है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इससे पहले जून महीने में हुए एक समझौते के आधार पर बातचीत और संघर्षविराम की संभावना जताई थी, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की तरफ से उन समझौतों का उल्लंघन किया जा चुका है। इस खूनी संघर्ष के बीच ईरानी सरकारी मीडिया ने एक और दर्दनाक घटना की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सीरिक काउंटी के कुहेस्तक इलाके में एक अमेरिकी मिसाइल कथित तौर पर एक शादी समारोह पर आ गिरी, जिसमें एक बच्चे समेत कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हो गए। हालांकि, अमेरिका ने इस रिपोर्ट पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। इन सब के बीच ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने साफ किया है कि अभी तक एयरस्पेस बंद करने को लेकर कोई आधिकारिक नोटिस यानी NOTAM जारी नहीं किया गया है। लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र में उड़ानों के बाधित होने की आशंका के चलते यात्रियों के लिए एक हाई अलर्ट जरूर जारी कर दिया है, जिससे सफर करने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।