ईरान हर हमले का जवाब देने को तैयार, होर्मुज़ पर तनाव

Gautam Sahu13 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान हर हमले का जवाब देने को तैयार, होर्मुज़ पर तनाव

ईरान: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 13 अक्टूबर 2026 को कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी हमले का जवाब देने के लिए अपनी सभी क्षमताओं का इस्तेमाल करने को तैयार है। उन्होंने यह बात ऐसे समय में कही है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है।

बघाई ने ईरान के तीन दौर के "वीरतापूर्ण बचाव" का हवाला दिया। उन्होंने होर्मुज़ में व्यवधान के लिए अमेरिका और इज़राइल को जिम्मेदार ठहराया। उनके मुताबिक अमेरिकी सैन्य आक्रामकता और नाकेबंदी से क्षेत्रीय सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

बघाई ने बताया कि तेहरान इस समय वाशिंगटन के हालिया जवाब की समीक्षा कर रहा है। ईरान मध्यस्थों के जरिए अपना जवाब भेजने की योजना बना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ओमान के साथ एक अस्थायी सुरक्षित शिपिंग मार्ग स्थापित करने पर समझ बनी है, जबकि इसके अमल से जुड़े ब्योरे अभी तय होने बाकी हैं।

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उसी दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका मंत्रालय राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कूटनीतिक रास्ते तलाश रहा है। मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलाती ने हाल की एक टेलीफोन बातचीत में अराघची से सऊदी अरब पर हूती हमले तुरंत रोकने में मदद करने को कहा।

ईरान के ये बयान इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर-इन-चीफ जनरल अहमद वहीदी की उस चेतावनी के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने फारस की खाड़ी में बाहरी ताकतों के दखल से आगाह किया था। संसद के उपाध्यक्ष हमीदरज़ा हाजी बाबाई ने दावा किया कि वाशिंगटन ईरान के खिलाफ संघर्ष के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने में नाकाम रहा है।

सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेज़ाई ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की कुछ शर्तें मान ली हैं, लेकिन उनके मुताबिक अमेरिकी जवाब अब भी पर्याप्त नहीं है। कतर, पाकिस्तान और इराक जैसे मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है।

तनाव के बीच हूती नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य हमलों में शामिल होता है, तो उनका जवाब "तेज़ और दर्दनाक" होगा। इससे पहले हूती ड्रोन और मिसाइल हमलों में सऊदी हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया था, जिनमें लोग हताहत हुए थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि इस संघर्ष का अंत आखिरकार वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट लाएगा।

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