Iran News: ईरान ने दी नई तकनीक की धमकी, कहा- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर रहेगा हमारा अधिकार

तेहरान से मिली बड़ी खबर के अनुसार, ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेकार्ची ने 26 सितंबर 2026 को यह ऐलान किया कि उनका देश किसी भी तरह की आक्रामकता का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान की सेना के पास दुश्मनों के लिए कई बड़े सरप्राइज मौजूद हैं। ईरानी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि उनकी मिसाइल और ड्रोन तकनीक पहले से कहीं ज्यादा ताकतवर हो चुकी है, जिससे वे किसी भी खतरे का सामना आसानी से कर सकते हैं। इस बयान के सामने आने के बाद से मध्य पूर्व के देशों में तनाव का माहौल काफी बढ़ गया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कड़ी चेतावनी
सैन्य प्रवक्ता ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते को लेकर एक कड़ी चेतावनी भी जारी की है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते का प्रबंधन पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में ही रहेगा। अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि जो भी जहाज तय किए गए ईरानी रास्तों का इस्तेमाल नहीं करेगा, उसे भारी सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, उन्होंने अमरीका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमरीकी सेना ने इस जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की दखलअंदाजी की, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
अन्य सैन्य अधिकारियों के बयान और ड्रोन तकनीक में बदलाव
इस बयान से पहले भी कई बड़े सैन्य अधिकारियों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। 23 सितंबर 2026 को सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अक्रामिनिया ने कहा था कि उनकी सेनाएं दुश्मनों को खदेड़ने के लिए नए हथियारों और रणनीतियों का इस्तेमाल करेंगी। उन्होंने आक्रामकता का बहुत ही कड़ा और बड़ा जवाब देने का वादा किया था। इसके साथ ही, 25 सितंबर 2026 को ईरानी सेना के उप-कार्यकारी मामलों के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अलीरेजा शेख ने बताया कि ईरान ने अपनी सैन्य क्षमताओं को नए सिरे से तैयार किया है। उन्होंने यह भी साझा किया कि अमरीकी और इजरायली दुश्मनों से निपटने के लिए उनके प्रसिद्ध आराश ड्रोन को और ज्यादा अपग्रेड कर दिया गया है।
मिसाइल हमले और कूटनीतिक मोर्चे पर हलचल
तनाव उस समय और ज्यादा बढ़ गया जब 27 सितंबर 2026 को ऐसी खबरें सामने आईं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले अनधिकृत टैंकर्स पर कम से कम छह एंटी-शिप मिसाइलें दाग दीं। दूसरी तरफ, यमन के सशस्त्र बलों ने यह दावा किया है कि हूती लड़ाके ईरान द्वारा बनाए गए एयर-डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्हें बदलकर मिसाइल बना दिया गया है। इससे दक्षिणी लाल सागर के ऊपर से गुजरने वाले आम विमानों की उड़ानों पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगा है। कूटनीतिक स्तर पर बात करें तो 27 सितंबर 2026 को यह जानकारी सामने आई कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के उस सात दिवसीय रोडमैप को सिरे से खारिज कर दिया, जिसका मकसद इस चल रहे संघर्ष को खत्म करना, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना और परमाणु बातचीत को फिर से शुरू करना था। इसी बीच, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने हालिया विमानन प्रतिबंधों पर तुरंत किसी भी सैन्य बदले की योजना से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वे प्रतिबंधों का पालन करने वालों के खिलाफ गैर-सैन्य विकल्पों का इस्तेमाल करने का हक सुरक्षित रखते हैं।