Iran News: अमेरिका के हमले में ईरान में शादी समारोह के दौरान चार लोगों की मौत, भड़का तेहरान

Nura Basta1 September 20262 min read56 viewsWorld
Iran News: अमेरिका के हमले में ईरान में शादी समारोह के दौरान चार लोगों की मौत, भड़का तेहरान

तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को उस समय बहुत ज्यादा बढ़ गया, जब एक अमेरिकी मिसाइल हमले ने सिरीक काउंटी के कुहेस्तक इलाके में एक रिहायशी घर को अपनी चपेट में ले लिया। यह हमला एक शादी समारोह के दौरान हुआ था, जिससे वहां जश्न का माहौल पलभर में मातम में बदल गया। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, इस दर्दनाक हमले में एक छोटे बच्चे समेत चार बेकसूर लोगों की जान चली गई और 50 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। होरमोज़गान प्रांत के डिप्टी गवर्नर अहमद नफिसी ने शुरुआती रिपोर्ट में दो लोगों के मारे जाने की बात कही थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया और मौतों का आंकड़ा चार पहुंच गया।

ईरान का कड़ा रुख और सैन्य चेतावनी

इस भयानक हमले के बाद ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान इस घटना का जवाब पूरी सख्ती के साथ देगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर भी इस मामले में चुप्पी साधने के लिए जमकर निशाना साधा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐलान किया कि उसने हमलावरों को कड़ा सबक सिखाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। IRGC के प्रवक्ता सardar मोहेबी ने चेतावनी दी कि दोषियों को बहुत भारी सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी नीति समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने साफ किया कि इन जुल्मों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने भी अमेरिकी हितों पर बहुत तगड़े और विनाशकारी हमले करने का संकल्प लिया है।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान का पक्ष और अमेरिकी बयान

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत घोलमहुसैन दारजी ने इस हमले को और इससे पहले 30 अगस्त 2026 को लाराक द्वीप पर हुए हमले को ईरान की संप्रभुता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। उन्होंने इन सभी कार्रवाइयों को सरकारी आतंकवाद यानी स्टेट टेररिज्म करार दिया। अपने बचाव में उन्होंने यूएन चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला दिया, जिसके तहत हाल ही में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना था कि ये हमले क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों और जहाजों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए जरूरी थे। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि अमेरिकी सेना आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है और उनका मानना है कि कैजुअल्टी के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे ईरानी सरकारी मीडिया की तरफ से दिए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने आगे कोई भी जवाबी कार्रवाई की, तो अमेरिका इससे भी कहीं ज्यादा ताकतवर और बड़े स्तर पर हमला करेगा और अगर ईरान अपनी सैन्य हरकतें बंद नहीं करता है, तो उसे पूरी तरह तबाह किया जा सकता है।

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