UAE और खाड़ी देशों पर बढ़ा तनाव, ईरान ने अमेरिका के आर्थिक दबाव के खिलाफ दी कड़ी चेतावनी.

Nura Basta30 August 20263 min read23 viewsUAE
UAE और खाड़ी देशों पर बढ़ा तनाव, ईरान ने अमेरिका के आर्थिक दबाव के खिलाफ दी कड़ी चेतावनी.

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब और ज्यादा बढ़ गया है, जिससे पूरे खाड़ी देशों में चिंता का माहौल बन गया है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी आर्थिक दबाव का कड़ा जवाब देने का पूरा ऐलान किया है। 30 अगस्त 2026 को देश के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पहली बार यह बात मानी कि अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हम इस वक्त युद्ध जैसे हालात में जी रहे हैं और हमें इन हालातों को स्वीकार करना ही होगा।

अमेरिका की तरफ से शुरू की गई आर्थिक घेराबंदी

अमेरिका के वित्त विभाग यानी U.S. Department of the Treasury ने 28 अगस्त 2026 को Operation Economic Outcast नाम से एक अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत लगभग 60 संस्थाओं, लोगों और जहाजों को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने इस रणनीति को ईरान की आर्थिक घुटन करार दिया है। इसके बाद 30 अगस्त को अमेरिकी ट्रेजरी ने यूएई के Banque Misr UAE बैंक के अमेरिकी वित्तीय संस्थानों से जुड़ने वाले कॉरेस्पोंडेंट बैंकिंग एक्सेस को भी रद्द कर दिया। अमेरिका का कहना है कि यह बैंक ईरान को अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने में मदद करने वाला एक मुख्य जरिया बना हुआ था। इस नए प्रस्तावित नियम पर अभी एक महीने की पब्लिक कमेंट अवधि चल रही है।

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तेहरान में राजनीतिक प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय हालात

ईरान की राजधानी तेहरान में इसको लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने अमेरिकी सचिव स्कॉट बेसेंट के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें ईरानी अर्थव्यवस्था को कुचलने की बात कही गई थी। इसके साथ ही देश के सर्वोच्च नेता Ayatollah Mojtaba Khamenei ने 30 अगस्त को एक संदेश जारी करते हुए खाड़ी देशों के नेताओं से अपील की कि वे अपने असली दुश्मन को पहचानें और इस्लामिक एकता को मजबूत बनाएं। दूसरी तरफ, ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने यह दोहराया कि Strait of Hormuz यानी हॉर्मूज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है और जहाजों को वहां से गुजरने से पहले ईरानी अधिकारियों से अनुमति लेनी ही होगी। उनका यह बयान अमेरिका की उन रिपोर्टों के बिल्कुल उलट है जिनमें जलडमरूमध्य को खुला बताया जा रहा था।

कूटनीति और आगे की धमकियां

भले ही ईरानी सरकार ने यह संकेत दिया हो कि यदि देश के हितों की रक्षा होती है तो वे बातचीत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिकी उप प्रेस सचिव Anna Kelly ने 30 अगस्त को यह स्पष्ट कर दिया कि इस समय वाशिंगटन की तरफ से ईरान के साथ सीधी बातचीत नहीं की जा रही है। इस हफ्ते की शुरुआत में ईरान के सुरक्षा प्रमुख Mohsen Rezaei ने भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर अमेरिका ने अपनी आर्थिक पाबंदियों को और आगे बढ़ाया, तो इसका बहुत खतरनाक और भूकंप जैसा बदला लिया जाएगा। खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों और कामगारों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनती जा रही है क्योंकि क्षेत्रीय अस्थिरता का असर आम जनजीवन और व्यवसाय पर पड़ सकता है।

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