ईरान की बहरीन और क्षेत्रीय देशों को चेतावनी, अपनी जमीन का इस्तेमाल हमलों के लिए न करें

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। ईरान ने बहरीन और अन्य क्षेत्रीय देशों को एक औपचारिक चेतावनी जारी की है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि वे अपनी सीमाओं या क्षेत्रों का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए लॉन्चपैड के रूप में न होने दें। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में राजनयिक तनाव बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बहाली की कोशिशें जारी हैं।
ईरान की इस सख्त प्रतिक्रिया के बीच संयुक्त राष्ट्र (UN) इस विवाद को सुलझाने और क्षेत्रीय स्थिरता लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी सिलसिले में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 6 अक्टूबर, 2026 को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर इस्लामाबाद, पाकिस्तान पहुंचे। उन्हें उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशक डार ने आमंत्रित किया था, और उनके आगमन पर कार्यवाहक विदेश सचिव राजदूत नबील मुनीर ने उनका स्वागत किया।
पाकिस्तान दौरे पर यूएन चीफ का खास एजेंडा
महासचिव गुटेरेस का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। उनके कार्यक्रम में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशक डार, और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बैठकें शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका और मध्यस्थता की क्षमता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा अवसर है।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच जुलाई में फिर से शत्रुता शुरू हो गई थी, जबकि अप्रैल और जून में हुए युद्धविराम के प्रयास विफल रहे थे। पाकिस्तान लगातार जून के उस समझौते के ढांचे का समर्थन कर रहा है, जिसे कतर की मदद से तैयार किया गया था। यूएन चीफ का लक्ष्य इसी संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों में पाकिस्तान की मदद करना है।
संघर्षों के अलावा, गुटेरेस अपने दौरे के दौरान आपदा प्रबंधन पर भी चर्चा करेंगे। वे नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और भारत-पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे। महासचिव 8 अक्टूबर को न्यूयॉर्क वापस लौटेंगे।