Iran का बड़ा ऐलान, अमेरिका का साथ देने वाले देशों पर होगा हमला, UAE और जॉर्डन में मचा हड़कंप

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर से बेहद कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने 2 सितंबर 2026 को साफ कहा है कि जो भी देश अमेरिकी सेना का समर्थन करेगा या उनकी मदद करेगा, उसे बहुत गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ईरानी सैन्य अधिकारियों और सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने एक संयुक्त बयान जारी कर यह भी मांग की है कि अमेरिकी सेना को अब मध्य पूर्व से पूरी तरह से चले जाना चाहिए। इस चेतावनी के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और खासकर वहां काम करने वाले प्रवासियों के बीच चिंता का माहौल बढ़ गया है, क्योंकि सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
ईरानी सेना की चेतावनी और क्षेत्रीय तनाव
ईरान की सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर किसी भी देश ने ईरानी जमीन के खिलाफ अमेरिकी हमलों में किसी भी तरह की मदद की, तो वह देश भी सीधे तौर पर उनके निशाने पर आ जाएगा। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC और ईरानी सेना मिलकर ऐसे देशों के खिलाफ संयुक्त रूप से जवाबी कार्रवाई करेंगे। आपको बता दें कि यह पूरा विवाद उस समय और ज्यादा भड़क गया जब अमेरिकी सेना ने लारक द्वीप पर ईरानी लॉन्चर्स को निशाना बनाकर हमले किए। इन हमलों में दो लोगों की मौत हो गई थी और दो लोग घायल हो गए थे। इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमान यानी CENTCOM ने सिस्तान, बलूचिस्तान और हॉर्मोजगान प्रांतों में IRGC के ठिकानों पर फिर से हमले करने की पुष्टि की।
यूएई और जॉर्डन में सैन्य गतिविधियां
इन हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन और यूएई यानी संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर कार्रवाई करने की बात कही है। हालांकि, यूएई सरकार ने अल मिन्हाद एयर बेस पर किसी भी सफल हमले की बात से साफ इनकार किया है। यूएई प्रशासन का कहना है कि उन्होंने देश की तरफ आ रहे एक ईरानी ड्रोन को हवा में ही सफलतापूल्र्वक रोक लिया और नष्ट कर दिया। इसके बावजूद क्षेत्र में सुरक्षा के हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं और आम लोग एहतियात बरत रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के बयान और अमेरिकी कदम
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेबी और सशस्त्र बलों के प्रवक्ता अबूझफल शेकरची ने कसम खाई है कि वे इन हमलों का बहुत कड़ा और आखिरी जवाब देंगे। दूसरी तरफ, अमेरिका के विदेश विभाग और दोहा स्थित अमेरिकी दूतावास ने मिडिल ईस्ट में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए खास सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी यह बयान दिया है कि अगर ईरान की तरफ से जवाबी हमले रोके नहीं गए, तो अमेरिका और भी ज्यादा ताकत के साथ इसका जवाब दे सकता है। इन सबके बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने यह संकेत भी दिए हैं कि अगर अमेरिका सकारात्मक रुख दिखाता है और आपसी सहमति बनती है, तो वे एक अस्थायी संघर्ष विराम पर विचार करने के लिए तैयार हैं। इन तमाम घटनाओं का असर खाड़ी देशों में यात्रा करने वाले लोगों और वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ रहा है, जिन्हें हर गतिविधि पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।