ईरान की चेतावनी: हमला हुआ तो देंगे विनाशकारी जवाब, शांति के लिए रखीं 7 शर्तें
ईरान के सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रजाई ने चेतावनी दी है कि हमला होने पर नए हथियारों से जवाब दिया जाएगा। शांति के लिए उन्होंने 7 शर्तें रखी हैं।

तेहरान: ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रजाई ने किसी भी हमलावर को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर देश पर हमला किया गया, तो तेहरान "नए हथियारों" का इस्तेमाल कर "विनाशकारी प्रहार" करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कूटनीति का रास्ता तभी खुला रहेगा जब ईरान की सात शर्तों को पूरा किया जाएगा।
रजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि ईरान ने अपनी सात शर्तें पहले ही घोषित कर दी हैं। उन्होंने कहा कि यदि ये शर्तें पूरी होती हैं, तो बातचीत की गुंजाइश बनी रहेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सर्वोच्च नेता के निर्देशानुसार, किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब बेहद घातक होगा।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, रजाई ने पहले भी कहा था कि जब तक शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद रहेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि ये शर्तें इस्लामाबाद वार्ता के ढांचे से पूरी तरह अलग हैं।
ईरान की इन मांगों में जुलाई में इस्लामाबाद समझौता टूटने के बाद अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना शामिल है। इसके अलावा, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति कम करने, जून में दिए गए तेल छूट (oil waivers) को फिर से बहाल करने और कतर सहित अन्य देशों में जमी हुई ईरानी धनराशि को मुक्त करने की मांग की गई है।
तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और ओमान द्वारा निर्धारित एक नए शिपिंग रूट को औपचारिक मान्यता देने और अन्य सभी रूट बंद करने की शर्त भी रखी है। साथ ही, ईरान ने सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने और विशेष रूप से लेबनान पर इजरायल के हमलों को रोकने की मांग की है।
यह तनाव ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत के ढांचे को लेकर राजनयिक आदान-प्रदान चल रहा है। रजाई ने बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा भेजे गए एक पत्र में अमेरिका के लहजे में बदलाव आया है, जिसे उन्होंने एक सकारात्मक संकेत माना है।
यह पत्र कतरी मध्यस्थों के जरिए रजाई को सौंपा गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, इस प्रस्ताव में जेडी वेंस के नेतृत्व में सीधी बातचीत का सुझाव दिया गया है, जिसमें शुरुआत से ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा शामिल होगी। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि यह संचार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर भेजा गया था।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस पत्र को अध्ययन करने के बाद वाशिंगटन के कदम को "सकारात्मक" बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि उनके एक सहयोगी मध्यस्थों के साथ परामर्श के लिए दोहा गए हैं। सूत्रों के अनुसार, अगले एक हफ्ते के भीतर दोहा या इस्तांबुल में बैठक हो सकती है।
दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामनेई ने चेतावनी दी है कि अमेरिका या इजरायल की किसी भी गलती का जवाब "भौगोलिक रूप से असीमित" होगा। उन्होंने कहा कि यदि दुश्मन फिर से सैन्य या आतंकवादी हमले करते हैं, तो ईरानी सशस्त्र बल और राष्ट्र ही उनके अंत का समय और शर्तें तय करेंगे।