ईरान के मोहसिन रेजा़ई ने चेताया, अमेरिका से जंग हुई तो खाड़ी के डेटा सेंटर निशाने पर होंगे

Gautam Sahu13 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान के मोहसिन रेजा़ई ने चेताया, अमेरिका से जंग हुई तो खाड़ी के डेटा सेंटर निशाने पर होंगे

ईरान: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजा़ई ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के साथ युद्ध फिर शुरू हुआ तो खाड़ी देशों में इंटरनेट केबल, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुविधाएं हमलों की जद में आ सकती हैं। यह बयान उस समय आया है जब ईरानी अधिकारियों ने युद्धविराम प्रस्ताव पर अमेरिकी जवाब को अपर्याप्त बताया है।

रेजा़ई के मुताबिक यूएई और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास की अहम संपत्तियां, जिनका मूल्य उन्होंने 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बताया, जंग छिड़ने पर हमले के दायरे में होंगी। अक्तूबर 11 से 12, 2026 के बीच आए इस बयान को ईरान के कट्टरपंथी धड़े का समर्थन मिला है। कायहान अखबार के प्रधान संपादक हुसैन शरीयतमदारी और आईआरजीसी से जुड़ी न्यूज़ एजेंसी तस्नीम ने क्षेत्र की समुद्री केबल और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर दिखाने वाले नक्शे भी प्रकाशित किए हैं।

ईरानी संसद की तकनीकी शाखा के सदस्य मोहसिन ज़ंगनेह ने कहा कि ऐसे हमले अमेरिकी सैन्य अभियानों को गंभीर रूप से बाधित कर सकते हैं और वैश्विक आर्थिक लागत को भी बढ़ा सकते हैं। माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न वेब सर्विसेज़ (AWS), गूगल क्लाउड, ओरेकल और ज़ूम जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों ने खाड़ी क्षेत्र के एआई और डेटा ढांचे में भारी निवेश किया है। इन सुविधाओं को रणनीतिक रूप से अहम माना जाता है।

इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर पहले भी हमले हो चुके हैं। 1 मार्च 2026 को ड्रोन हमलों में यूएई के दो और बहरीन के एक AWS डेटा सेंटर को निशाना बनाया गया था, हालांकि इन घटनाओं से क्षेत्र में विस्तार नहीं रुका। एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स के अनुसार ऐसी सुविधाओं को हमलों से बचाने के लिए सुरक्षा बढ़ाने पर परिचालन लागत 5 से 7 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया के लगभग 99 प्रतिशत इंटरनेट ट्रैफिक को समुद्र के नीचे बिछी फाइबर-ऑप्टिक केबल ढोती हैं, और ये नेटवर्क होर्मुज़ जलडमरूमध्य के करीब होने से वैश्विक डिजिटल सेवाएं बेहद संवेदनशील हैं। सऊदी अरब में डेटा सेंटर चलाने वाली कंपनियों से आकस्मिक योजनाओं की समीक्षा करने और भौतिक सुरक्षा मजबूत करने की अपील की जा रही है, जबकि ईरान क्षेत्र में अमेरिकी हितों के खिलाफ संभावित जवाबी कार्रवाई पर अपने बयान जारी रखे हुए है।

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