ईरान ने दी बड़े हमले की चेतावनी, अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव बढ़ने पर कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब कई गुना बड़ा होगा

ईरान के IRGC ने किसी भी सैन्य कार्रवाई पर कई गुना बड़े जवाब की चेतावनी दी है। अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ अलर्ट जारी किया है।

Gautam Sahu24 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान ने दी बड़े हमले की चेतावनी, अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव बढ़ने पर कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब कई गुना बड़ा होगा

तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के खिलाफ कोई भी सीमित सैन्य कार्रवाई की गई, तो उसका जवाब कई गुना अधिक तीव्रता के साथ दिया जाएगा। 24 अक्टूबर 2026 को जारी इस बयान में IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने विदेशी शक्तियों की शत्रुतापूर्ण बयानबाजी को केवल मीडिया का दिखावा बताया। उन्होंने दावा किया कि तेहरान को धमकी देने वाले देशों के पास मौजूदा परिस्थितियों में प्रभावी ऑपरेशन चलाने की क्षमता नहीं है।

इसी बीच ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य जहाजों को किसी भी परिस्थिति में फारस की खाड़ी में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उनके मुताबिक ईरानी सेना ने अमेरिकी नौसेना को अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के करीब आने में अप्रभावी बना दिया है।

दूसरी तरफ अमेरिका के नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर जे क्लेटन ने 23 अक्टूबर को रिपोर्ट दी कि ईरान विदेश में अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर चुका है। उन्होंने बताया कि कथित हत्या की साजिशें उन्नत चरणों में पहुंच गई हैं। इस खुफिया जानकारी के बाद लेबनान, यूएई, कतर और जॉर्डन से राजनयिकों को तेजी से बाहर निकाला जा रहा है।

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तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बैराक ने संकेत दिया कि 24-25 अक्टूबर के सप्ताहांत तक हमला हो सकता है, हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसी किसी योजना की जानकारी होने से इनकार किया है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज़ ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि यह संघर्ष एक साल और चल सकता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खतरों को देखते हुए इजरायल के लिए यात्रा परामर्श भी अपडेट किया है।

तेहरान में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अंतरिम बातचीत विफल होने पर नाराजगी जताई और अमेरिकियों को कायर कहा, हालांकि उन्होंने कहा कि राजनयिक प्रयास जारी रहने चाहिए। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल के संबंधों को परजीवी करार दिया। ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने हमले दोबारा शुरू किए, तो ईरान के पास फारस की खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबलों को निशाना बनाने की योजना तैयार है।

बढ़ते तनाव को रोकने के लिए 24 अक्टूबर को इस्तांबुल में तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान, सऊदी अरब, फ्रांस, जर्मनी, इटली और ब्रिटेन के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की और चेतावनी दी कि नई शत्रुता से अस्थिरता फैलेगी। ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड ने कहा कि जहाजों पर हमलों सहित इस संघर्ष की वजह से ऊर्जा और खाद्य महंगाई बढ़ रही है।

इन तमाम कोशिशों के बावजूद सैन्य गतिविधियां जारी हैं। अमेरिका का जॉर्ज वाशिंगटन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप संभावित मुकाबले की तैयारी कर रहा है। वहीं यमन के अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए धमाकों और रियाद के पास हूती मिसाइल को रोकने जैसी घटनाएं इस संकट के मुख्य केंद्र बनी हुई हैं।

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