ईरान के विदेश मंत्री ने नेतन्याहू को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ाना भारी पड़ेगा और ईरान के पास भी अधूरे काम हैं

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि तेहरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता बढ़ाना गलत होगा। अराघची ने नेतन्याहू को चुनौती देते हुए कहा कि पिछली बार जब उन्होंने काम खत्म करने की कोशिश की थी, तब ईरान और ज्यादा मजबूत होकर उभरा था।
आईआरएनए न्यूज एजेंसी के जरिए जारी बयान में अराघची ने कहा कि अगर नेतन्याहू फिर से अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि वे सावधान रहें क्योंकि ईरान के पास भी कुछ अधूरे काम हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने नेतन्याहू पर आरोप लगाया कि वे खुद को जेल जाने से बचाने के लिए अमेरिका को एक और युद्ध में खींचने की कोशिश कर रहे हैं। अराघची के मुताबिक, नेतन्याहू अपनी राजनीतिक स्थिति बचाने को प्राथमिकता दे रहे हैं, चाहे इसका इजरायल या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कोई भी असर पड़े।
यह विवाद उस समय बढ़ा जब राष्ट्रपति ट्रंप ने 18 अक्टूबर 2026 को नेतन्याहू के दोबारा चुनाव अभियान का समर्थन किया। इस दौरान ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका जल्द ही ईरान के खिलाफ काम खत्म कर सकता है। वहीं, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरानी खतरे को खत्म करने की कसम खाई है और दावा किया है कि 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
क्षेत्र में तनाव 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए संघर्ष के कारण बढ़ा हुआ है। साथ ही 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले इजरायली चुनावों से पहले सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
अराघची ने दोहराया कि ईरान का प्रस्ताव अब भी कायम है कि सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सकता है। इसके लिए शर्त यह है कि अमेरिका ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाए और सभी क्षेत्रीय मोर्चों पर दुश्मनी खत्म करे।
दूसरी ओर, ईरान के नए रक्षा मंत्री महरदाद अखलाघी केताबची ने अमेरिका को अपने कर्मियों की सुरक्षित वापसी को प्राथमिकता देने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने कोई नया हमला किया, तो ईरान की तरफ से इसका जवाब अप्रत्याशित और व्यापक होगा।