ईरान की चेतावनी: नया क्षेत्रीय युद्ध पूरे इलाके को निगल जाएगा

ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ईरान के खिलाफ कोई नया सैन्य संघर्ष शुरू होता है, तो यह केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के देशों को अपनी चपेट में ले लेगा। जनरल अब्दोल्लाही का मानना है कि अमेरिका और इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर झूठ फैलाकर और देश को कमजोर बताकर एक नए युद्ध की साजिश रच रहे हैं।
जनरल अब्दोल्लाही ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को भी आगाह किया है कि वे ईरान की परमाणु सुविधाओं के बारे में बिना आधार के बयान न दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान इस समय पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है और किसी भी तरह के टकराव का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही, उन्होंने उन देशों को चेतावनी दी है जहाँ अमेरिकी सेना मौजूद है, कि अमेरिका की मौजूदगी क्षेत्र में असुरक्षा और आर्थिक अस्थिरता का कारण बन रही है।
ईरान के अन्य अधिकारियों ने दी कड़ी चेतावनी
ईरान के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस रुख को मजबूती दी है। IRGC कमांडर-इन-चीफ के सलाहकार समूह के प्रमुख अली फदावी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई जमीनी आक्रमण होता है, तो ईरान सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों को निशाना बनाएगा। वहीं, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इस विवाद का कोई सैन्य समाधान नहीं है और केवल न्याय आधारित बातचीत ही रास्ता है, वरना किसी भी नए हमले का जवाब पहले से कहीं अधिक निर्णायक और कड़ा होगा।
तनाव के बीच संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने दोहराया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका के साथ जून के अंतरिम समझौते की सात शर्तें पूरी नहीं हो जातीं। दूसरी ओर, IRGC कुड्स फोर्स के कमांडर इस्माइल काणी ने अफगानिस्तान से यमन और गाजा से लेबनान तक 'प्रतिरोध के अक्ष' (Axis of Resistance) के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब सऊदी अरब और कतर में अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल बैटरियों की तैनाती और USS थियोडोर रूजवेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की मध्य पूर्व की ओर बढ़ती हलचल ने तनाव को और बढ़ा दिया है।