ईरान की बड़ी चेतावनी, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बनेगा प्रतिबंधित क्षेत्र, अमेरिकी तनाव के बीच बदला खेल का नियम।

फारस की खाड़ी और मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, और अब ईरान ने एक कड़ा कदम उठाते हुए बड़ा ऐलान कर दिया है। 6 सितंबर 2026 को ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि ईरान के हितों या सुरक्षा पर अब होने वाले किसी भी हमले का जवाब बहुत तेजी से और पहले से ज्यादा दर्दनाक तरीके से दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि अब बराबरी के जवाब देने का दौर खत्म हो चुका है और इस खेल के नियम पूरी तरह से बदल चुके हैं। इस बड़े घटनाक्रम से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के बीच भी चिंता का माहौल देखने को मिल रहा है, क्योंकि समुद्री रास्तों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बनेगा नया प्रतिबंधित क्षेत्र
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने घोषणा की है कि आने वाले कुछ ही दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र बनाया जाएगा। यह क्षेत्र अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी लाइन से शुरू होकर फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक फैलेगा। इस तय सीमा के अंदर जो भी जहाज प्रवेश करेगा, उसे ईरान की प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा। इसी बीच, 6 सितंबर 2026 को ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और सतत विकास के लिए रणनीतिक कार्य योजना' के अनुच्छेद 9 को मंजूरी दे दी है। इस नियम के तहत उन सभी लोगों या कंपनियों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से रोक दिया जाएगा, जिन्होंने ईरान के खिलाफ कोई भी आक्रामक कदम उठाया है या एकतरफा प्रतिबंध लगाए हैं।
समुद्री हमलों और झड़पों से व्यापार पर असर
पिछले 48 घंटों के दौरान इस इलाके में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। 6 सितंबर 2026 को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने जलडमरूमध्य में घुसने की कोशिश कर रहे अमेरिकी सेना के एक मानवरहित सतही ड्रोन पर हमला किया है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने इस दावे को पूरी तरह से झूठ बताया है। IRGC ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने अनधिकृत रास्तों पर चल रहे तीन तेल टैंकरों और अमेरिका से जुड़े तीन जहाजों को निशाना बनाया है। ये सारी घटनाएं अमेरिकी बलों द्वारा 5 सितंबर 2026 को किए गए उस हमले के बाद सामने आईं, जिसमें अमेरिका ने कथित आईआरजीसी के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के जवाब में तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया था।
वाणिज्यिक जहाजों और शिपिंग गतिविधियों पर रोक
इस जारी तनाव का सबसे बुरा असर कमर्शियल शिपिंग यानी व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर पड़ा है। 6 सितंबर 2026 को ईरानी मीडिया ने रिपोर्ट दी कि तीन कमर्शियल टैंकरों—VELOS AMBER, BRAVO और AL SHEEHANIYA—ने आईआरजीसी नौसेना की तरफ से मिली चेतावनी के बाद अपना रास्ता बदल लिया और वापस लौट गए। ईरान की तरफ से कहा गया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य का दक्षिणी रास्ता बंद कर दिया गया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी 6 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि उन्होंने क्षेत्र में अपने समुद्री नाकाबंदी अभियान के तहत 92 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया है, 3 जहाजों को निष्क्रिय कर दिया है और 2 जहाजों पर बोर्डिंग की है। खाड़ी के इन हालात पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।