ईरान की डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी, समुद्री हमलों के सबूत IMO को सौंपे
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को हमले के खिलाफ चेतावनी दी है और समुद्री बुनियादी ढांचे पर हमलों के सबूत IMO को सौंपे हैं।

तेहरान: ईरान के रक्षा मंत्री महरदाद अखलागी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि तेहरान के खिलाफ किसी भी हमले का जवाब 'समानुपातिक, निर्णायक और प्रभावशाली' होगा। अखलागी ने स्पष्ट किया कि अगर नया टकराव शुरू होता है, तो यह एक लंबे संघर्ष में बदल सकता है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी मर्जी से खत्म नहीं कर पाएंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि जो लोग धमकियां देते हैं, वे ईरान की रक्षात्मक कार्रवाइयों के दायरे या उनके परिणामों को तय नहीं कर सकते। इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई भी चेतावनी दे चुके हैं कि अमेरिका या इजरायल की धमकियों का जवाब बिना किसी 'भौगोलिक सीमा' के तुरंत दिया जाएगा।
ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरामिनिया और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी इसी बात को दोहराया है। सैन्य अधिकारियों का सुझाव है कि कोई भी नया संघर्ष फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुए युद्ध की अवधि से भी अधिक लंबा खिंच सकता है।
दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि हालांकि बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिका अभी भी कुछ खास लक्ष्यों पर हमलों की संभावनाओं का आकलन कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से पिकैक्स माउंटेन स्थित एक संदिग्ध परमाणु सुविधा का जिक्र किया है।
राजनयिक मोर्चे पर ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) को दस्तावेजों और तस्वीरों का एक डोजियर सौंपा है। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी और इजरायली बलों ने समुद्री बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। लंदन में 2 से 6 नवंबर 2026 के बीच IMO काउंसिल इन सबूतों की समीक्षा करेगी।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब 30-31 अक्टूबर 2026 को फारस की खाड़ी में कतरी एलएनजी टैंकर 'अल मयदा' अज्ञात वस्तुओं के हमले का शिकार हुआ। इसके बाद 1 नवंबर 2026 को ईरान ने ब्रिटिश विदेशी खुफिया सेवा MI6 को 'शत्रु समूह' घोषित कर दिया। साथ ही, अमेरिकी-इजरायली ऑपरेशनों में कथित समर्थन के लिए ब्रिटिश रॉयल नेवी और रॉयल एयर फोर्स को 'आतंकवादी संगठन' करार दिया गया है।