ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, मिर्जाई ठिकानों पर बिना किसी रोक-टोक के होगा बड़ा हमला.

मध्य पूर्व में हालात तेजी से खराब हो रहे हैं और तनाव इस हद तक पहुंच गया है कि हर आम आदमी डरा हुआ है। ईरान के केंद्रीय सैन्य कमांड ने अमरीका को खुली चेतावनी दी है कि यदि अमरीकी सेना ने कोई भी हमला किया तो मध्य पूर्व में मौजूद अमरीकी ठिकानों को बिना किसी नियम या पाबंदी के निशाना बनाया जाएगा। यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनातनी अपने चरम पर है और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 19 सितंबर 2026 को अचानक कैंप डेविड से व्हाइट हाउस वापस लौट आए। इस गर्मागर्मी के बीच खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा का यह माहौल हर आम नागरिक को प्रभावित कर रहा है।
कूटनीति और शांति वार्ताओं का दौर
राजनयिक स्तर पर बातचीत बचाने की कोशिशें अभी भी जारी हैं लेकिन बात बनती नजर नहीं आ रही है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि अमरीका इस मौजूदा संघर्ष को खत्म करने की शर्तों को मानने से इनकार करता है, तो ईरान एक निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। कतर और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के जरिए तेहरान ने अपनी शर्तें सामने रखी हैं, जिसमें युद्ध को तुरंत रोकना, ईरान के जमे हुए फंड को वापस करना और अमरीकी नौसेना की नाकाबंदी को खत्म करना शामिल है। रेजाई ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अमरीका या इस्राइल ने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं, तो ईरान परमाणु अप्रसार संधि से भी बाहर निकल सकता है। इन तमाम घटनाक्रमों से खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय प्रवासियों के मन में भी नौकरी और सुरक्षा को लेकर डर पैदा हो रहा है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव और समुद्री रास्ते
समुद्री सीमाओं की बात करें तो ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने 20 सितंबर 2026 को यह ऐलान किया कि जब तक अमरीका जून महीने में हुए समझौते के तहत अपने वादों को पूरा नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। दूसरी ओर, ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता अबोफजल शेकार्ची ने CENTCOM प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने अमरीका द्वारा संरक्षित तेल जहाजों के सुरक्षित निकलने की बात कही थी। ईरान का साफ कहना है कि इस समुद्री रास्ते पर पूरी तरह से उनका नियंत्रण है। इस रास्ते से होने वाले व्यापार और तेल सप्लाई पर असर पड़ने से ग्लोबल मार्केट में महंगाई का खतरा बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और ट्रैवल अलर्ट
क्षेत्रीय सुरक्षा के बिगड़ते हालातों को देखते हुए अमरीकी विदेश विभाग ने 19 सितंबर 2026 को एक नया ट्रैवल अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी में कहा गया है कि हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं और मध्य पूर्व में रह रहे अमरीकी नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मिडिल ईस्ट में मौजूद कम से कम 11 अमरीकी दूतावासों ने भी ऐसी ही एडवाइजरी जारी की है। इस बीच, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने रियाद और यानबु स्थित अरामको सुविधाओं पर हमले का दावा किया है। सऊदी अरब ने पुष्टि की है कि उसने अपनी राजधानी की तरफ आ रही एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। ऐसी घटनाओं से खाड़ी के देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।