ईरान की चेतावनी: अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अब भौगोलिक सीमाएं नहीं रोकेंगी जवाबी कार्रवाई
ईरान ने अपनी रक्षा रणनीति बदली है। अब अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई भौगोलिक सीमाओं में बंधी नहीं होगी।

तेहरान: ईरान ने अपनी रक्षा रणनीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए यह ऐलान किया है कि सैन्य या आतंकवादी खतरों के जवाब में अब वह किसी भौगोलिक सीमा में बंधकर नहीं रहेगा। देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मुजतबा खामेनेई ने सशस्त्र बलों को निर्देश दिया है कि दुश्मन देशों द्वारा किए गए किसी भी भविष्य के हमले का तत्काल, प्रभावशाली और भौगोलिक रूप से असीमित जवाब देने के लिए तैयार रहें।
सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ और खतम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने स्पष्ट किया कि ईरान अब अपनी रक्षा रणनीति शुरू करने के लिए दुश्मन के हमले का इंतजार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि सेना ने अपने टारगेट बैंक का विस्तार कर दिया है।
जनरल अब्दुल्लाही के मुताबिक, इस विस्तारित टारगेट बैंक में अब अमेरिका और इजरायल की उन संपत्तियों को भी शामिल किया गया है जो भौतिक (tangible) और अभौतिक (intangible) दोनों तरह की हैं। ये लक्ष्य अब पहले की तुलना में काफी व्यापक भौगोलिक क्षेत्र में फैले हुए हैं।
यह निर्देश सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर-इन-चीफ की मौजूदगी में एक उच्च स्तरीय ब्रीफिंग के दौरान जारी किया गया। अधिकारियों ने इस नए दृष्टिकोण को पिछले टकरावों की तुलना में एक गंभीर और "अकल्पनीय" वृद्धि बताया है।
सैन्य नेतृत्व ने अब युद्ध और टोही उद्देश्यों के लिए गोला-बारूद और हथियारों के उत्पादन को बढ़ाने का आदेश दिया है। साथ ही, दुश्मन की गतिविधियों की रियल-टाइम निगरानी के लिए खुफिया क्षमताओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
यह चेतावनी तनाव के बढ़ते दौर के बीच आई है, जिसमें 2025 और 2026 की सैन्य घटनाओं और मछली पकड़ने वाले जहाजों से जुड़ी हालिया भिड़ंतों का जिक्र है। सर्वोच्च नेता खामेनेई ने जोर देकर कहा कि भविष्य के किसी भी संघर्ष को समाप्त करने के लिए समय और आवश्यक शर्तों का निर्धारण करने का एकमात्र अधिकार ईरान के पास होगा।