Iran News: ईरान ने अमेरिका और पड़ोसी देशों को दी सख्त चेतावनी, देश भर में पकड़े गए आतंकवादी.

तेहरान की तरफ से एक बहुत बड़ा बयान सामने आया है जिसमें अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को किसी भी तरह की खतरनाक कार्रवाई न करने की चेतावनी दी गई है। 20 सितंबर 2026 को ईरान के केंद्रीय सैन्य कमांड ने साफ कर दिया कि अगर कोई भी नया कदम उठाया गया तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब खुफिया रिपोर्टों से पता चला कि जर्मनी में अमेरिका, इजरायल और कुछ अरब देशों के सैन्य कमांडरों के बीच एक गुप्त बैठक हुई थी। ईरान का आरोप है कि अमेरिका अपने इन साथियों के साथ मिलकर फिर से इलाके में तनाव बढ़ाने की फिराक में है, जिस पर देश की सरकार पूरी तरह नजर बनाए हुए है।
खुफिया ऑपरेशन में पकड़े गए आतंकी सेल
ईरान के खुफिया मंत्रालय ने 20 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी कि देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन खतरनाक आतंकवादी सेल को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। ये सभी ग्रुप 'अमेरिकन-जायनिस्ट दुश्मन' के इशारे पर देश के अंदर अशांति फैलाने की योजना बना रहे थे। सुरक्षा बलों ने अपनी समझदारी और सतर्कता दिखाते हुए इन नापाक मंसूबों को समय रहते नाकाम कर दिया। इस सफल ऑपरेशन के बाद देश भर में सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा कड़ा कर दिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी घटना से तुरंत निपटा जा सके।
पश्चिम अजरबैजान के पिरानशहर काउंटी में सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में अलगाववादी आतंकवादी समूह के एक सदस्य को मार गिराया गया। यह आतंकी एक सुरक्षा कमांडर की हत्या करने की साजिश रच रहा था। इसके अलावा एल्बोर्ज़ प्रांत में अधिकारियों ने 'अमीरअली एन.' नाम के एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया। जांच में यह बात सामने आई कि यह शख्स इजरायली खुफिया एजेंसी से जुड़े एक राजशाही समूह के लिए काम कर रहा था और वह ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC और बासिज सैन्य ठिकानों की जानकारी जुटाकर आगे भेज रहा था। आरोपी की योजना एक बासिज बेस पर हमला करने, लोगों का अपहरण करने और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देने की थी।
किरमान प्रांत में बड़ी साजिश नाकाम
इसके अलावा किरमान प्रांत के बाम काउंटी में भी सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली। यहां अमेरिकी-इजरायली खुफिया सेवाओं से जुड़े एक दो सदस्यीय आतंकवादी सेल को उस समय दबोच लिया गया जब वे किसी बड़े बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा को बम से उड़ाने की तैयारी कर रहे थे। इन आतंकवादियों के पास से कई आपत्तिजनक चीजें भी बरामद हुईं जिनका इस्तेमाल वे तबाही मचाने के लिए करने वाले थे। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया जिससे आम जनता ने राहत की सांस ली है।
न्यायिक कार्रवाई और फांसी की सजा
इस बड़ी सुरक्षा कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले यानी 19 सितंबर 2026 को ईरान की न्यायपालिका ने एक कड़ा कदम उठाते हुए हुसैन पेदारन नाम के व्यक्ति को फांसी की सजा दे दी। उसे इस बात का दोषी पाया गया था कि उसने इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद को इसफाहान प्रांत में मौजूद मिसाइल ठिठानों से जुड़ी बेहद संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां साझा की थीं। देश के खिलाफ इस तरह की जासूसी करने वालों के लिए ईरान सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है ताकि देश की आंतरिक सुरक्षा और संप्रभुता को सुरक्षित रखा जा सके।