अमेरिका को ईरान की कड़ी चेतावनी, कहा- अगर हमला हुआ तो अमेरिकी संपत्ति और तेल कंपनियों पर होगा ऐतिहासिक प्रहार

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को सीधी और कड़ी चेतावनी दे दी है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने कतर के मध्यस्थों के जरिए अमरीकी प्रशासन को संदेश भेजा है कि यदि उनके देश के खिलाफ कोई भी आक्रामक कदम उठाया गया, तो इसका बहुत भयानक परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस संभावित प्रतिक्रिया को अमेरिकी सैन्य और आर्थिक संपत्तियों पर एक 'ऐतिहासिक प्रहार' के रूप में याद रखा जाएगा। ईरान का यह सख्त रुख दोनों देशों के बीच पुराने कूटनीतिक धोखे और अविश्वास की गहरी खाई को दर्शाता है। इस पूरी खबर के बारे में अधिक जानकारी आप Uniindia की रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।
तेहरान में कतर के प्रधानमंत्री की उच्च स्तरीय बैठक
ठीक इसी समय, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने तेहरान का दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच समझदारी बढ़ाना, कूटनीति के रास्ते खोलना और समुद्र में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखना था। बैठक के दौरान ईरान और ओमान के बीच एक साझा शिपिंग कॉरिडोर बनाने और होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में बारूदी सुरंगों को हटाने के अभियानों पर भी चर्चा की गई। हालांकि, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जलडमरूमध्य को तभी खोला जाएगा जब अमेरिका उनकी सभी प्रमुख शर्तें मान लेगा। इन शर्तों में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना, नुकसान की भरपाई करना और ईरानी बंदरगाहों की नौका नाकेबंदी को समाप्त करना शामिल है।
वैश्विक स्तर पर अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी
ईरानी अधिकारी मोहसेन रजाई ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका अपनी आर्थिक जंग को जारी रखता है, तो ईरान दुनिया भर में फैली अमेरिकी तेल और आर्थिक कंपनियों को अपने निशाने पर लेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी देश इस अमेरिकी मुहिम में मदद करेगा, उसे ईरान का दुश्मन माना जाएगा। यदि यह दुश्मनी और आगे बढ़ती है, तो क्षेत्र से होने वाले तेल के निर्यात को पूरी तरह से रोक दिया जाएगा, जिसका असर पूरी दुनिया पर भूकंप जैसा महसूस होगा। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक इसकी आवश्यकता है। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent इस मामले को लेकर नए आर्थिक उपायों की तैयारी में जुटे हुए हैं।
जलडमरूमध्य में जहाजों पर मंडराता खतरा
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक टैंकर पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज को नुकसान पहुंचा। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी चालक दल के सदस्य के घायल होने की कोई खबर सामने नहीं आई है। इस तरह की घटनाएं खाड़ी देशों और वैश्विक बाजारों में चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारत और अन्य देशों से खाड़ी क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों तथा काम करने वाले प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि किसी भी बड़े युद्ध या तेल संकट का सीधा असर आम आदमी की जेब और ऊर्जा की कीमतों पर पड़ता है।