ईरानी सेना की चेतावनी: जंग छिड़ी तो अमेरिका-इजरायल की सोच से ज्यादा लंबी चलेगी
ईरान ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि युद्ध उनकी उम्मीद से लंबा और महंगा होगा। सर्वोच्च नेता ने टारगेट लिस्ट अपडेट करने के आदेश दिए।

तेहरान: ईरान की सेना ने अमेरिका और इजरायल को सख्त चेतावनी दी है कि अगर तनाव बढ़ा और पूर्ण युद्ध की स्थिति आई, तो यह संघर्ष उनके विरोधियों की उम्मीद से कहीं अधिक लंबा और महंगा साबित होगा।
सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरामिनिया ने दावा किया कि भविष्य का कोई भी संघर्ष पिछले सैन्य टकरावों की अवधि को पार कर जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास ऐसी शत्रुता को समाप्त करने के समय या शर्तों को तय करने का अधिकार नहीं होगा।
सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने घोषणा की है कि संभावित संघर्ष के लिए 'कोई भौगोलिक सीमा' नहीं होगी। इसका मतलब है कि जवाबी कार्रवाई के लिए एक बहुत बड़ा क्षेत्र इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने इस बात की पुष्टि की कि दुश्मन सेनाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए एक विस्तृत क्षेत्र निर्धारित किया गया है। सर्वोच्च नेता खामेनेई ने सैन्य कमांडरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी टारगेट लिस्ट को अपडेट करें, जिसमें अमेरिका और इजरायल की सभी भौतिक और अभौतिक संपत्तियां शामिल हों।
तनाव के बीच कतर और पाकिस्तान की मदद से दोहा में बंद दरवाजों के पीछे अप्रत्यक्ष राजनयिक बातचीत चल रही है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को बताया कि चर्चाएं गहन हैं, लेकिन किसी भी समाधान का दारोमदार वाशिंगटन की 'राजनीतिक तर्कसंगतता' पर निर्भर करेगा।
तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान की मुख्य मांगों में जमी हुई वित्तीय संपत्तियों को छोड़ना, नौसैनिक नाकेबंदी हटाना, प्रतिबंधों को खत्म करना और गाजा व लेबनान सहित सभी मोर्चों पर शत्रुता को पूरी तरह समाप्त करना शामिल है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को संकेत दिया कि यह संघर्ष या तो बातचीत के जरिए या एकतरफा कार्रवाई से जल्द ही समाप्त हो जाएगा। राष्ट्रपति ने पिकैक्स माउंटेन में एक संदिग्ध भूमिगत परमाणु सुविधा का जिक्र करते हुए अमेरिकी उद्देश्यों के अभी बाकी होने की बात कही थी।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कथित तौर पर 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद सैन्य हमलों को फिर से शुरू करने का दबाव बना रहे हैं। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रजाई जैसे उच्च स्तरीय अधिकारी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।