ईरान की खुली चेतावनी: अमेरिका और इजरायल के खिलाफ होगी निर्णायक कार्रवाई

ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी सैन्य ताकत का अहसास कराते हुए अमेरिका और इजरायल को सीधी चेतावनी दी है। ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रज़ा तलई-निक ने मंगलवार को साफ तौर पर कहा कि यदि अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई भी नई आक्रामकता दिखाई गई, तो इसका जवाब पहले से कहीं अधिक मजबूत, निर्णायक और दर्दनाक होगा। ईरान ने संकेत दिया है कि वह अब केवल बचाव नहीं करेगा, बल्कि हमला करने वालों को भारी कीमत चुकाने पर मजबूर कर देगा।
ईरान के मुताबिक, उसने जवाबी कार्रवाई के लिए अपने संभावित लक्ष्यों की पहचान कर ली है और उनकी तैयारी पूरी कर ली है। जनरल तलई-निक ने जोर देकर कहा कि किसी भी नए संघर्ष की स्थिति में विरोधियों को पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब सोमवार को मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही और सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हतामी ने भी आगाह किया था कि ईरान के खिलाफ कोई भी नया युद्ध अब व्यापक स्तर पर फैलेगा और ईरानी सेना तुरंत अमेरिकी हितों को निशाना बनाएगी।
सैन्य क्षमता में भारी इजाफा और वैश्विक गठबंधन
अपनी सैन्य तैयारियों का ब्यौरा देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध से पहले की तुलना में ईरान की रक्षा उपकरणों, हथियारों और गोला-बारूद के उत्पादन की क्षमता में 2.5 गुना वृद्धि हुई है। कुछ खास श्रेणियों में तो हथियारों का उत्पादन तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। ईरान ने अपनी नौसेना, थल सेना और हवाई रक्षा प्रणालियों को आधुनिक बनाया है और इनमें उन्नत मिसाइल व ड्रोन तकनीक को शामिल किया है।
जब उनसे 'कुह-ए कोलंग' (पिकैक्स माउंटेन) को निशाना बनाने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो प्रवक्ता ने दोहराया कि सभी आवश्यक जवाबी लक्ष्यों का चयन पहले ही किया जा चुका है। इसके साथ ही, ईरान ने अपनी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को भी स्पष्ट किया है। तलई-निक ने पुष्टि की कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद रूस और चीन के साथ ईरान का रक्षा सहयोग पूरी तरह सक्रिय है और इसमें कोई कमी नहीं आई है।