अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध की स्थिति में रक्षा के लिए तैयार है ईरान

ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के किसी भी हमले का जवाब देने के लिए ईरान पूरी तरह तैयार है।

Gautam Sahu1 November 20262 min read0 viewsWorld
अमेरिका और इजरायल के खिलाफ युद्ध की स्थिति में रक्षा के लिए तैयार है ईरान

पटना (बिहार): ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका और इजरायल संघर्ष को और बढ़ाते हैं, तो ईरान अपनी रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन युद्ध की स्थिति में वह आत्मसमर्पण नहीं करेगा।

ANI से बात करते हुए इलाही ने बताया कि अमेरिका की तरफ से इस तरह के बयान उनके लिए नई बात नहीं है और उन्होंने पहले भी ऐसी बातें सुनी हैं। उन्होंने कहा कि हम सक्रिय रूप से शांति की तलाश कर रहे हैं, लेकिन अगर वे हमारे खिलाफ युद्ध शुरू करते हैं, तो हम अपनी जान और खून देकर खुद का बचाव करेंगे।

प्रतिनिधि ने आगे कहा कि ईरान उनकी मांगों के आगे कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका चाहता है कि ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दे, उनके सामने घुटने टेक दे और अपने तेल व खनिज संसाधनों सहित पूरे देश का नियंत्रण उन्हें सौंप दे, लेकिन यह केवल एक सपना है जो कभी सच नहीं होगा।

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यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, वॉशिंगटन ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई का मूल्यांकन कर रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी ऑपरेशनों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य संपत्तियों के मुख्य हिस्से को पहले ही नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब केवल एक या दो साइट्स बची हैं, जिनमें 'पिकैक्स माउंटेन' जैसी भूमिगत सुविधाएं शामिल हैं, जिन्हें अमेरिकी सेना दस मिनट में खत्म कर सकती है।

ट्रंप के अनुसार, अमेरिका को तुरंत हमले करने की कोई जल्दबाजी नहीं है क्योंकि पिछले हवाई हमलों ने ईरान की नौसेना, वायु सेना, विमान भेदी नेटवर्क और रक्षा निर्माण ढांचे को काफी कमजोर कर दिया है।

दूसरी ओर, ईरान के रक्षा मंत्री महरदाद अखलाघी ने चेतावनी दी है कि तेहरान पर किसी भी हमले का जवाब 'आनुपातिक, निर्णायक और प्रभावशाली' होगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने आगाह किया कि अमेरिका के साथ नया टकराव एक लंबे युद्ध में बदल सकता है जिसे राष्ट्रपति ट्रंप अपनी मर्जी से खत्म नहीं कर पाएंगे।

इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि कतरी मध्यस्थों के साथ बातचीत जारी है। इसमें एक प्रस्ताव है कि यदि अमेरिका तेहरान की शर्तों को मानता है, तो दो दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जा सकता है।

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