ईरान ने अमेरिकी जहाजों को फारस की खाड़ी में घुसने से रोका और दो सुपरटैंकरों के माइन्स से टकराने का दावा किया
ईरान ने अमेरिकी जहाजों को फारस की खाड़ी में प्रवेश न करने की चेतावनी दी है, जबकि IRGC ने दो सुपरटैंकरों के माइन्स से टकराने का दावा किया।

तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान ने शनिवार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अमेरिकी सैन्य जहाजों को किसी भी कीमत पर फारस की खाड़ी में प्रवेश नहीं करने देगा। इसी बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो सुपरटैंकर समुद्री माइन्स की चपेट में आ गए हैं।
IRGC ने बताया कि इन दोनों जहाजों में मिलाकर 45 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल लदा था। ईरान के मुताबिक, ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए एक अनधिकृत दक्षिणी रास्ते से जाने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान जहाजों के इंजन रूम में विस्फोट और आग लग गई, जिससे वे बेकार हो गए और चालक दल ने जहाजों को छोड़ दिया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है और जहाजों के ऑपरेटरों की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली है।
ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरानी सेना ने इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना को अप्रभावी कर दिया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को भी चुनौती दी जिनमें कहा गया था कि ईरान की सैन्य क्षमताएं कमजोर हो गई हैं। अब्दुल्लाही ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति केवल सपना देख सकते हैं कि उनकी सेना फिर से फारस की खाड़ी में प्रवेश करे, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा।
कमांडेंट अब्दुल्लाही ने ट्रंप के उन बयानों पर भी सवाल उठाए जिनमें कहा गया था कि ईरान की परमाणु सुविधाएं नष्ट कर दी गई हैं। उन्होंने पूछा कि अगर सुविधाएं खत्म हो चुकी हैं, तो अमेरिका अब भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता क्यों जता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान जनता को गुमराह करने के लिए दिए जाते हैं।
दूसरी तरफ, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान की बाधाओं के बावजूद फारस की खाड़ी से तेल निर्यात संघर्ष से पहले के स्तर को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि ईरान की धमकियां वैश्विक बाजारों तक ऊर्जा के प्रवाह को रोकने में विफल रही हैं।
इस बीच तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बैराक ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस सप्ताहांत ईरान पर अमेरिकी हमला हो सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप राजनयिक समझौते के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और कतर जैसे क्षेत्रीय देशों के साथ बातचीत चल रही है, जिसमें यूरेनियम संवर्धन, प्रतिबंधों में ढील और इजरायल के प्रति सुरक्षा प्रतिबद्धताओं जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, फ्लोरिडा पहुंचने पर डोनाल्ड ट्रंप ने राजदूत की इन बातों से दूरी बना ली और कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।