ईरान के विदेश मंत्री बोले, अमेरिका ने युद्ध चुना तो हमारे योद्धा कहर बरपाएंगे
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर युद्ध हुआ तो क्षेत्रीय ठिकानों पर भीषण हमले होंगे।

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने में कोई नरमी नहीं बरतेगा। अराघची ने संकेत दिया कि क्षेत्र में स्थित अमेरिका के कुछ ऐसे ठिकाने, जो स्थापित सैन्य अड्डों से बाहर हैं, उनके ईरानी हमलों की जद में आने की संभावना है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक बयान में अराघची ने कहा कि यदि अमेरिका तेहरान की मांगों को मानने के बजाय युद्ध का रास्ता चुनता है, तो ईरान के "अनुभवी योद्धा" उन पर कहर बरपाएंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल एक "2-दिवसीय प्रस्ताव" मेज पर है।
विदेश मंत्री ने व्हाइट हाउस से आग्रह किया कि सकारात्मक परिणाम पाने के लिए उन्हें विशिष्ट शर्तों को पूरा करना होगा, जिसमें "सभी मोर्चों पर युद्ध का अंत" शामिल है। अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों के राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी मतदाताओं ने अपना फैसला सुना दिया है, अब व्हाइट हाउस को अपना रास्ता तय करना है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि एक "मजबूत समझौता" हो जाता है, तो आगे सैन्य कार्रवाई की संभावना कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी पुष्टि की कि अमेरिका ने बुनियादी ढांचे के संभावित लक्ष्यों, जैसे बिजली संयंत्रों और पुलों की पहचान कर ली है, यदि संघर्ष फिर से शुरू होता है।
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब पिछले 72 घंटों के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में टैंकरों और माइन्स से जुड़ी घटनाओं की खबरें आई हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव को रोकने के लिए विदेश मंत्री अराघची ने 7 और 8 नवंबर, 2026 के बीच व्यापक राजनयिक प्रयास किए। उन्होंने ओमान, मिस्र, जॉर्डन, सऊदी अरब, कतर, साइप्रस, तुर्की, कुवैत, यूएई, ट्यूनीशिया, इराक और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ चर्चा की।
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही गहन और अप्रत्यक्ष बातचीत में वर्तमान में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।