ईरान की चेतावनी: कूटनीति को प्राथमिकता, लेकिन गलतफहमी हुई तो होगा बड़ा जवाब

ईरान ने कूटनीति का समर्थन किया है, लेकिन अमेरिका को चेतावनी दी है कि किसी भी गलतफहमी का नतीजा गंभीर और अभूतपूर्व होगा।

Gautam Sahu4 November 20262 min read0 viewsWorld
ईरान की चेतावनी: कूटनीति को प्राथमिकता, लेकिन गलतफहमी हुई तो होगा बड़ा जवाब

तेहरान: ईरान ने दुनिया को साफ कर दिया है कि वह कूटनीतिक बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी तरह की गलतफहमी या गलत गणना का नतीजा बेहद गंभीर होगा। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) के मुताबिक, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति बिगड़ी तो उसका जवाब अब तक का सबसे अभूतपूर्व हमला हो सकता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस. खतिबजादेह ने इस सख्त रुख को स्पष्ट किया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव चरम पर है और दोनों देशों को आपसी सहमति बनाने में मुश्किल हो रही है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने के लिए ईरान ने सात शर्तों का प्रस्ताव रखा है। इस मामले में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के अब तक के जवाब को नाकाफी बताया है। उनका कहना है कि वॉशिंगटन की मांगें जरूरत से ज्यादा हैं।

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विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि आगे की प्रगति पूरी तरह से अमेरिकी सरकार की राजनीतिक समझदारी पर निर्भर करती है। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने 2 नवंबर को जोर देकर कहा कि मामला आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अमेरिका की है और ईरान की शर्तें तार्किक व वाजिब हैं।

सैन्य मोर्चे पर तनाव तब बढ़ गया जब 2 नवंबर 2026 को अमेरिका ने केशम द्वीप पर एक सीमित हमला किया। अमेरिका का दावा था कि यह हमला शिपिंग लेन को खतरे में डालने वाली क्षमताओं को कम करने के लिए किया गया था।

जवाब में ईरान ने 'मैक्सिमम डिटरेंस' (अधिकतम निवारण) योजना को सक्रिय कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अपने टारगेट लिस्ट को अपडेट किया है, जिसमें अब एक विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र में फैले अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों को शामिल किया गया है।

सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने ईरानी सशस्त्र बलों को निर्देश दिए हैं कि वे एक विस्तृत फ्रंट पर संघर्ष के लिए पूरी तैयारी रखें। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीतिक समाधान की इच्छा जताई है। उन्होंने 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले बड़े पैमाने पर हमलों की संभावना को खारिज किया है, हालांकि उन्होंने कहा कि वह सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

क्षेत्रीय अस्थिरता तब और बढ़ गई जब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास तेल टैंकरों पर नेवल माइन्स से हमले की खबरें आईं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन हमलों की बात स्वीकार की है। इसके अलावा, बुधवार 4 नवंबर की सुबह इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में ईरानी सीमा के पास एक हवाई हमला भी दर्ज किया गया है।

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