Iran Wedding Strike: ईरान में शादी समारोह पर मिसाइल हमले में अमेरिका का हाथ, रॉयटर्स की जांच में हुआ बड़ा खुलासा.

ईरान के कुहेस्तक में एक शादी के दौरान हुए दर्दनाक मिसाइल हमले ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। इस भयानक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद से क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा हालात पूरी तरह से गरमा गए हैं, और आम लोगों में भी भारी डर का माहौल देखने को मिल रहा है।
घटना की पूरी जानकारी और जनहानि
यह दुखद घटना मंगलवार, 2 सितंबर 2026 को ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित सिरिक काउंटी के कुहेस्तक इलाके में हुई। शादी की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं जब अचानक एक मिसाइल वहां आ गिरी। शुरुआती हमलों में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे जिनकी पहचान 4 साल के अमीर-मोहम्मद करीमी और 16 साल के मोहम्मद मोल्लाही के रूप में हुई। इसके अलावा, एक 22 साल की महिला ने बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। इस हमले में कम से कम 68 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
रॉयटर्स की जांच और अमेरिकी हथियारों का कनेक्शन
इस बड़े हादसे की सच्चाई सामने लाने के लिए रॉयटर्स ने एक विशेष विश्लेषण कराया। इस जांच में चार सैन्य हथियारों के विशेषज्ञों ने वहां के वीडियो और सबूतों की बारीकी से जांच की। विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला कि यह नुकसान किसी रिकोषेट यानी पलटने वाली चीज से नहीं, बल्कि सीधे तौर पर किसी मिसाइल या हथियार के फटने से हुआ है। इनमें से तीन विशेषज्ञों ने यह साफ तौर पर माना कि जिस हथियार का इस्तेमाल हुआ वह अमेरिकी हो सकता है, और यह भी आशंका जताई गई कि शायद निशाना कोई और सैन्य ठिकाना था लेकिन मिसाइल भटक कर शादी के पंडाल पर गिर गई। यह हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा 1 सितंबर को दक्षिणी ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड के ठिकानों पर की गई कार्रवाई के तुरंत बाद हुआ, जो अमेरिकी जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई थी।
अमेरिका और ईरान की प्रतिक्रिया
इस गंभीर मामले पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार, 4 सितंबर को बयान देते हुए कहा कि प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने ईरानी मीडिया की खबरों पर संदेह जताया, लेकिन साथ ही यह भी स्वीकार किया कि सेना से गलती होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि अमेरिकी सेना गलतियों से सीखती है। वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने दोहराया कि अमेरिकी सेना कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यह किसी तकनीकी खराबी या गलत इंटरसेप्शन का नतीजा था। दूसरी ओर, ईरान के अधिकारियों ने इस पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रमुख अहमद वाहिदी ने बदला लेने की कसम खाई है, और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इसे युद्ध अपराध करार दिया है। सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रजाई ने नई युद्ध रणनीति की चेतावनी दी है, और ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट से इस मामले की जांच की मांग की है।
क्षेत्रीय तनाव और जवाबी हमले
इस घटना के बाद से मध्य पूर्व में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। बुधवार, 3 सितंबर से ही ईरान ने अमेरिकी बेस और सहयोगियों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए हैं। कुवैत ने ईरान की तरफ से आए प्रोजेक्टाइल को बीच में ही रोकने की पुष्टि की है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि जवाबी हमलों से उनके किसी भी सैन्य ठिकाने को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नागरिकों की बढ़ती मौतों पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की अपील की है। गुरुवार को कुहेस्तक में पीड़ितों के अंतिम संस्कार के दौरान भी माहौल काफी गमगीन और तनावपूर्ण रहा।