ईरान के विदेश मंत्री ने जेडी वेंस के पत्र को बताया सकारात्मक कदम, लेकिन युद्ध की आशंका बरकरार
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पत्र को सकारात्मक कदम बताया, लेकिन युद्ध की आशंका से इनकार नहीं किया।

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मिले एक पत्र को स्वीकार करते हुए इसे संवाद की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। हालांकि, इस राजनयिक पहल के बावजूद अराघची ने स्पष्ट किया कि युद्ध छिड़ने की संभावना अभी भी बनी हुई है।
अराघची ने जानकारी दी कि ईरानी सेना इस समय युद्ध के लिए उच्चतम स्तर की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि इस तैयारी के तहत नए हथियारों का परीक्षण किया गया है और उपकरणों को अपग्रेड किया गया है।
अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच सीधी मुलाकात की खबरों पर विराम लगाते हुए विदेश मंत्री ने इन्हें केवल मीडिया की अटकलें करार दिया। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल ऐसी कोई बैठक तय नहीं है।
ईरान ने औपचारिक बातचीत के लिए अपनी शर्तें दोहराई हैं। अराघची के मुताबिक, इस्लामाबाद ज्ञापन के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी कम करना, तेल छूट (oil waivers) की बहाली और जमी हुई सभी संपत्तियों को मुक्त करना उनकी प्राथमिक शर्तें हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत का रास्ता खोलने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की शर्तें बेहद अहम हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेडी वेंस के पत्र को मुख्य रूप से ईरान में चिकित्सा आपूर्ति के आयात को आसान बनाने के उपाय के रूप में पेश किया है। इस बीच, कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में सक्रिय हैं। कतर के अधिकारियों ने शुक्रवार को तेहरान में 12 घंटे तक चर्चा की, जिसके बाद अब दोहा में बातचीत होनी है।
खबरों के मुताबिक, एक बड़ी सफलता करीब हो सकती है। इसमें एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन और वित्तीय प्रोत्साहनों जैसे शुरुआती मुद्दों पर चर्चा कर सकता है, जिसमें चीन और रूस गारंटर की भूमिका निभा सकते हैं।
इसी बीच, सर्वोच्च नेता मुजतबा खामनेई ने अमेरिका और इजरायल को नई जंग के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी हमले की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होगी। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जहाजों के लिए सुरक्षित है और उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों को समुद्री माइन्स मिलने की ईरानी रिपोर्टों का खंडन किया है।