लेबनान में तनाव के बीच बेरूत स्थित ईरानी दूतावास का बड़ा बयान, अपनी स्थिति की स्पष्ट सफाई दी

Nura Basta6 September 20263 min read37 viewsWorld
लेबनान में तनाव के बीच बेरूत स्थित ईरानी दूतावास का बड़ा बयान, अपनी स्थिति की स्पष्ट सफाई दी

लेबनान में लगातार बढ़ते तनाव और गंभीर क्षेत्रीय हालात के बीच 6 सितंबर 2026 को बेरूत स्थित ईरानी दूतावास ने अपनी स्थिति को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है। इस दौरान मिडिल ईस्ट के हालात काफी नाजुक बने हुए हैं और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में हुए इजरायली हवाई हमलों में 4 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें 3 बच्चे भी शामिल थे। इसके अलावा इन हमलों में 20 अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इजरायली हमलों का यह दौर नबातिएह, अरब सलिम, नबातिएह अल-फव्वा और केफार रेमैन जैसे इलाकों को निशाना बनाकर चलाया गया था। इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) की तरफ से यह जानकारी दी गई कि यह सैन्य कार्रवाई दक्षिणी लेबनान से इजरायली सैनिकों की तरफ दागे गए हिजबुल्लाह के ड्रोनों के जवाब में की गई थी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच कूटनीतिक गतिविधियां भी बहुत तेज हो गई हैं, ताकि हालात को किसी तरह काबू में लाया जा सके और शांति बहाल हो सके।

क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक बातचीत

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क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए 5 सितंबर 2026 को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तुर्की और सऊदी अरब के अपने समकक्षों के साथ फोन पर लंबी बातचीत की। इस दौरान ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के बुनियादी ढांचे पर किए गए हालिया हमलों को तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और अपने देश के नागरिकों की सुरक्षा की रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप News on Air की रिपोर्ट देख सकते हैं।

दूसरी ओर, फारस की खाड़ी के पास स्थित स्ट्रेट ऑफ होरमुज में भी तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिका से जुड़े तीन जहाजों और तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। यह घटना अमेरिकी सैन्य रिपोर्टों के उस दावे के बाद सामने आई जिसमें कहा गया था कि उन्होंने ईरान के तीन तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया था। इन तमाम सैन्य गतिविधियों के बीच इजरायली सेना लेबनान की सीमा के भीतर 1.2 से 2.5 मील का एक नया सुरक्षा क्षेत्र बनाने की योजना पर भी विचार कर रही है।

लेबनान और ईरान के बीच कूटनीतिक खींचतान

लेबनान सरकार के साथ ईरान के कूटनीतिक संबंध पिछले कुछ समय से तनावपूर्ण चल रहे हैं। इससे पहले मार्च और मई 2026 में भी लेबनान सरकार ने ईरानी राजदूत को देश छोड़ने का आदेश दिया था। हालांकि ईरान ने इन कोशिशों का लगातार विरोध किया और बेरूत में अपने दूतावास का संचालन जारी रखा, भले ही स्थानीय संघर्षों में IRGC की संलिप्तता के आरोप लगते रहे हों। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर इजरायली सेना अली अल-ताहेर रिज को निशाना बनाती है, जहां कथित तौर पर ईरानी कर्मी हिजबुल्लाह के साथ तैनात हैं, तो इसका बेहद कड़ा और जोरदार जवाब दिया जाएगा। इस तरह के लगातार तनावपूर्ण हालातों से मिडिल ईस्ट में रह रहे प्रवासियों और आम नागरिकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

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