ईरान का बड़ा पलटवार, अमेरिकी मीडिया के दावों को बताया निराशा और हार का प्रतीक

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के बाद अमेरिकी धरती से ईरानी राजनयिकों को बाहर निकाले जाने की खबरों पर अब ईरान का कड़ा रुख सामने आया है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने उन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि ईरान के राजनयिकों को अमेरिका से 'किस्मत या नियमों के उल्लंघन' के चलते जबरन खदेड़ा गया है। अराघची ने इसे अमेरिकी अधिकारियों की हताशा और कूटनीतिक मर्यादा के खिलाफ करार दिया है।
क्या है पूरा मामला और अराघची का बयान
हाल ही में आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के समाप्त होने के बावजूद ईरान के दो प्रतिनिधि न्यूयॉर्क में ही रुके रहे। अमेरिकी विदेश विभाग के आदेशों का पालन न करने पर कथित तौर पर उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि महासभा में शामिल होने वाले सभी ईरानी राजनयिक तय शेड्यूल के मुताबिक पहले ही अमेरिका छोड़ चुके थे, सिवाय एक के जो कुछ दिन पहले ही रवाना हो चुके थे।
अराघची ने इस पूरी घटना को पेश करने के तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की फर्जी कहानियों पर गर्व महसूस करना किसी भी देश के कूटनीतिक मुखिया के लिए शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि यह बयानबाजी केवल निराशा और हार की भावना को दर्शाती है और संयुक्त राष्ट्र के मेजबान देश के दायित्वों के भी पूरी तरह खिलाफ है। दोनों देशों के बीच पहले से ही चल रहे तनाव के माहौल में इस ताजा बयान ने कूटनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है।