Gulf Conflict: ईरान के सांसद ने अमेरिका को दी खाड़ी छोड़ने की धमकी, बोले अपने बॉर्डर संभालो.

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक वरिष्ठ सांसद ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। 9 सितंबर 2026 को दिए गए इस बयान में अमेरिकी सेना को तुरंत फारस की खाड़ी और आसपास के इलाकों को खाली करने के लिए कहा गया है। ईरानी अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिकी फौजों को अपना सामान समेटकर अपने देश लौट जाना चाहिए और सिर्फ अपनी सीमाओं की रक्षा पर ध्यान देना चाहिए। इस तीखे बयान के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं और आम लोगों के साथ-साथ वहां रहने वाले प्रवासियों की चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं।
सैन्य टकराव और हमलों का सिलसिला
यह पूरा विवाद पिछले कुछ दिनों में हुई भारी सैन्य झड़पों के बाद सामने आया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने बुधवार को दावा किया कि उसकी नौसेना ने फारस की खाड़ी में अमेरिका के दो जहाजों और आठ तेल टैंकरों को भारी नुकसान पहुंचाया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी आक्रामकता के जवाब में की गई है। इसके अलावा IRGC ने यह भी दावा किया कि उसने मिसाइल से जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास 10 अन्य जहाजों को भी घेरा। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने मंगलवार रात को जानकारी दी कि उसने ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी में ईरान के पांच कच्चे तेल के जहाजों को नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर ईरान द्वारा दो बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के बाद की गई थी। अमेरिकी सेना ने ईरान के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें किसी अमेरिकी युद्धपोत को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी और पुष्टि की कि उनके सभी सैनिक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जॉर्डन और अन्य देशों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
जॉर्डन की राष्ट्रीय सेना ने बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की तरफ से दागी गई 20 में से 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया। बाकी दो मिसाइलें सुनसान इलाकों में गिरीं जिनसे किसी भी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि अमेरिका अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर लगातार हो रहे खतरों का जवाब देने के लिए ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाना जारी रखेगा। इस बीच, IRGC ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद तेल टैंकरों के क्रू को चेतावनी जारी कर दी है कि वे संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें और उस इलाके से दूर रहें।
युद्ध जैसे हालात और नेताओं के बयान
तेहरान संसद के प्रतिनिधि कामरान गजानफरी ने 9 सितंबर को चेतावनी देते हुए कहा कि यह क्षेत्र व्यावहारिक रूप से तीसरे विश्व युद्ध के कगार पर पहुंच गया है और उनका आरोप है कि अमेरिका ईरान के द्वीपों पर कब्जा करना चाहता है। इससे पहले 8 सितंबर को डिप्टी पार्लियामेंट स्पीकर अली निक्जाद ने भी अमेरिकी सेना की वापसी की मांग की थी और सांसद घोलमरेजा ताजगर्दून ने प्रतिरोध की कीमत चुकाने की बात कही थी। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र UKMTO ने भी सूचना दी है कि उत्तरी अरब सागर और ओमान की खाड़ी में कई कमर्शियल जहाजों पर हमले हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उनकी ये सभी सैन्य कार्रवाई अमेरिका की अवैध हरकतों के खिलाफ एक कानूनी जवाब है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है क्योंकि इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर रोजमर्रा की जिंदगी और सुरक्षा व्यवस्था पर साफ देखा जा रहा है।