दुनिये के नए शेर बन कर उभरे ईरान के मंत्री, अमेरिका में घुस कर कर कह दिया आज न्यूक्लियर हथियार पर अपना जवाब.

न्यूयॉर्क: UNGA की सरगर्मियों के बीच एक पल ऐसा आया, जिसने वहां मौजूद हर पत्रकार को चौंका दिया। ईरान के विदेश मंत्री डॉ. अब्बास अराघची से जब सीधा सवाल पूछा गया कि क्या ईरान फिर से परमाणु हथियार बनाने में जुटा है, तो उनका जवाब किसी "7D चेस" से कम नहीं था।
मौके पर क्या हुआ — पूरी बातचीत
मौके पर मौजूद हमारे संवाददाता सहित कई पत्रकारों के मुताबिक, बातचीत कुछ इस तरह रही —
पत्रकार: "क्या आप फिर से न्यूक्लियर हथियार बना रहे हैं?"
अराघची (सधे हुए अंदाज़ में): "नहीं, हम शांति के प्रति प्रतिबद्ध हैं।"
पत्रकार: "तो क्या आप ट्रंप के इंस्पेक्शन प्रस्ताव को मानेंगे?"
अराघची (मुस्कुराते हुए, पर तीखे अंदाज़ में): "बिल्कुल — पर सिर्फ तभी, जब हमें अपनी टीम इज़राइल भेजने की इजाज़त मिले, यह जांचने के लिए कि क्या उनके पास परमाणु हथियार हैं। अगर इज़राइल के पास हैं, तो ईरान के पास भी होने चाहिए।"

👏 एक जवाब में समेट दी पूरी बहस!
इस जवाब ने वहां मौजूद रिपोर्टर्स को हैरान कर दिया। एक झटके में अराघची ने न सिर्फ अमेरिका की "इंस्पेक्शन" वाली मांग को स्वीकार किया, बल्कि उसे इज़राइल के अघोषित परमाणु कार्यक्रम की तरफ मोड़ते हुए एक ऐसा सवाल खड़ा कर दिया, जिसका जवाब देना अमेरिका और इज़राइल दोनों के लिए मुश्किल है।
क्यों कहा जा रहा है इसे "रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक"?
- इज़राइल दशकों से अपने परमाणु कार्यक्रम को न तो स्वीकार करता है, न इनकार — इस नीति को "न्यूक्लियर एम्बिगुइटी" कहा जाता है
- हाल ही में 30 अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसदों ने भी विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर इज़राइल के परमाणु कार्यक्रम पर पारदर्शिता की मांग उठाई थी
- अराघची ने इसी "दोहरे मापदंड" को सीधे अमेरिकी धरती पर, दुनिया के सामने उजागर कर दिया
ईरानी अवाम में जोश की लहर
यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर ईरानी समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। लोग इसे अराघची की "निडरता और तीखी कूटनीतिक चाल" बता रहे हैं — खासकर तब, जब यह जवाब उसी अमेरिका की धरती पर दिया गया, जिसने महीनों पहले उन्हें खुद मारने की कोशिश की थी।