होर्मुज़ में तेल टैंकर में आग, ईरानी नौसेना ने दी जानकारी

होर्मुज़ जलडमरूमध्य (ईरान): ईरानी नौसेना ने 13 अक्टूबर 2026 को बताया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के एक प्रतिबंधित इलाके से गुजरने की कोशिश कर रहे एक तेल टैंकर को नुकसान पहुंचा और उसमें आग लग गई। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक जहाज ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रखे थे और अनधिकृत रास्ता अपनाया था।
इस घटना को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने 48 घंटे के भीतर किसी "उल्लंघन करने वाले" सुपरटैंकर पर तीसरी कार्रवाई बताया है। यह इलाके में बढ़ते समुद्री तनाव की एक कड़ी है। युनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने अक्टूबर के पहले 12 दिनों में ही इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर 18 हमले दर्ज किए हैं।
हाल में निशाना बने जहाजों में लाइबेरिया के झंडे वाला VLCC अल मकाम, पनामा के झंडे वाले किशन एम और एवर विक्ट, निकारागुआ के झंडे वाला एमटी पेट्रो डॉल्फिन, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला वल्थेरा और पनामा के झंडे वाला जेम नंबर 2 शामिल हैं।
तनाव की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को मानी जा रही है, जब ईरान ने अमेरिका और इजराइल से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध लगाए थे। तेहरान का कहना है कि ये कार्रवाइयां "अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी" के जवाब में हैं। इसके उलट, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने 10 अक्टूबर को एक वाणिज्यिक जहाज को इसी नाकेबंदी का उल्लंघन करने पर रोका था।
IRGC के नौसेना कमांडर अली ओज़माई ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज ट्रांसपोंडर बंद करेगा या अमेरिकी बलों के साथ सहयोग करेगा, उसे "गंभीर" और "निर्णायक" जवाब झेलना पड़ेगा। जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के लिए खतरे का स्तर "गंभीर" तय किया है।
भारतीय चालक दल के सदस्यों से जुड़ी हालिया घटनाओं के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की औपचारिक रूप से निंदा की है।