Persian Gulf में खार्क द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर मिसाइल हमला, कोई हताहत नहीं

फारस की खाड़ी यानी Persian Gulf में इन दिनों हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और शनिवार, 5 सितंबर 2026 को एक बड़ी घटना सामने आई। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के खाड़ी तट के पास स्थित Kharg Island के नजदीक एक तेल टैंकर को एक मिसाइल ने निशाना बनाया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है कि कहीं यह संघर्ष और ज्यादा न बढ़ जाए।
विस्फोटों की पुष्टि और अमेरिकी कनेक्शन
छात्र समाचार नेटवर्क यानी Student News Network (SNN) और फार्स समाचार एजेंसी ने इस बात की पुष्टि की है कि शनिवार को द्वीप के आसपास कई जबरदस्त धमाके सुने गए थे। SNN ने अपनी रिपोर्ट में सीधे तौर पर इस हमले के पीछे अमेरिका का हाथ होने का दावा किया है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भयानक मिसाइल हमले में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि यह पता चल सके कि असल में यह हमला किसने और कैसे किया।
तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ता तनाव
यह ताजा हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से तनाव लगातार चरम पर पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले भी ईरान को कई बार सार्वजनिक मंचों से गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी थीं। इन चेतावनियों में खाड़ी के खार्क द्वीप पर कब्जा करने और पिक्सएक्सी माउंटेन पर हमलों जैसी बातें शामिल थीं। दोनों देशों के बीच इस दुश्मनी के चलते हाल के दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े कई ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
अमेरिकी सैन्य अधिकारी का बयान
इस पूरे मामले पर अमेरिकी सेना की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना ईरानी मीडिया में चल रही इन तमाम खबरों से पूरी तरह अवगत है। अधिकारी ने स्पष्ट रूप से यह भी कहा कि अमेरिकी सेना जानबूझकर कभी भी नागरिकों को अपना निशाना नहीं बनाती है। अमेरिकी पक्ष इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि क्षेत्रीय स्तर पर हुए नुकसान के पीछे की असल वजह क्या थी। इसमें इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि क्या यह नुकसान किसी अमेरिकी हमले की वजह से हुआ, या फिर यह कोई भटका हुआ इंटरसेप्टर मिसाइल था, या फिर ईरानी वायु रक्षा मिसाइल का ही कोई हिस्सा ricochet होकर वापस गिरा था।