तेहरान में हुआ विशाल 'सैक्रिफाइस फॉर ईरान' परेड, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने देश की एकता पर दिया जोर.

तेहरान में हाल ही में "Sacrifice for Iran" नाम से एक विशाल परेड का आयोजन किया गया, जिसमें देश के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में आम लोगों ने हिस्सा लिया और "Labaik or Khamenei" के नारे लगाए। इस भव्य आयोजन की जानकारी प्रमुख समाचार एजेंसी ISNA के माध्यम से सामने आई है, जिसमें बताया गया कि इस परेड में लगभग 313,000 लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
राष्ट्रपति पेजेशकियन का बयान और एकता का संदेश
परेड के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि हम अपने देश, देशवासियों और ईरान के लिए अपनी जान कुर्बान करने को तैयार हैं और अपने दिल से देश की भलाई के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने देश के भीतर आपसी एकता और भाईचारे पर बहुत जोर दिया। उनका कहना था कि अगर सभी मुद्दों पर देश में एकता और मेल-मिलाप बना रहे, तो इससे दुश्मन के इरादे कमजोर हो जाएंगे और वे कभी सफल नहीं हो पाएंगे। ISNA की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने परेड में शामिल होने वाले लोगों की देशभक्ति और एकजुटता की जमकर तारीफ की।
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि विभिन्न वर्ग के लोगों का इस तरह भारी संख्या में सड़क पर उतरना इस बात का साफ संकेत है कि आम जनता का देश के साथ कितना गहरा रिश्ता है। यह इस बात को भी दिखाता है कि सब मिलकर देश की इज्जत, उसकी आजादी, उसकी सीमाओं और उसकी ताकत की रक्षा करना चाहते हैं। उन्होंने इस परेड में भाग लेने वाले सभी नागरिकों की सूझबूझ और जिम्मेदारी की सराहना की। उनके अनुसार, यह आयोजन आम जनता की राष्ट्रीय जिम्मेदारी और अपनी मातृभूमि के प्रति उनके प्रेम को साफ तौर पर दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान सभी ईरानियों का है और इसकी शान तथा सम्मान को बचाने के लिए आपसी एकता, मेल-मिलाप और लोगों का साथ देना बहुत जरूरी है।
परेड में विभिन्न समूहों की भागीदारी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान
एक अन्य मीडिया संस्थान Press TV के अनुसार, इस परेड में हजारों की संख्या में अलग-अलग समुदायों और पृष्ठभूमि के लोग शामिल हुए। ये लोग तेहरान के Imam Hossein Square से लेकर Enghelab Square तक मार्च करते हुए आगे बढ़े। इस दौरान लोगों ने उन नागरिकों को भी याद किया और श्रद्धांजलि दी जो अमेरिका के हमलों के दौरान कुहेसताक में शादी समारोह के दौरान मारे गए थे। इस कार्यक्रम में युद्ध के दिग्गज सैनिकों, नवविवाहित जोड़ों, देश की सैन्य टुकड़ियों, महिलाओं और यमनी नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर ईरानी ड्रोन्स को भी प्रदर्शनी के लिए रखा गया था ताकि देश की ताकत का प्रदर्शन किया जा सके।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में एक बयान में कहा कि ईरान वाशिंगटन के साथ एक समझौता करना चाहता है, लेकिन अभी इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी समझौता अमेरिका की उम्मीदों और शर्तों के मुताबिक ही होना चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से पहले आया है, जहां वे अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC देशों के नेताओं और विदेश मंत्रियों से मिलने वाले हैं। ABC 11 को दिए गए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान डील करना चाहता है, लेकिन उनकी राय में अभी वे इसके लिए तैयार नहीं हैं।
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका अपने और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के अगले दौर और युद्ध के बाद की रणनीतियों पर विचार कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की इस आगामी बैठक में छह जीसीसी देशों यानी Saudi Arabia, United Arab Emirates, Qatar, Bahrain, Kuwait और Oman के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस प्रस्तावित बैठक का मुख्य एजेंडा युद्ध के बाद की स्थिति से निपटने के लिए अमेरिका के विचारों पर चर्चा करना और संघर्ष को आगे बढ़ाने के कदमों पर विचार करना होगा। इस सिलसिले में अमेरिकी विदेश विभाग ने शुरुआती निमंत्रण बुधवार को भेज दिए हैं और जरूरत पड़ने पर इस बैठक में अन्य अरब तथा मुस्लिम देशों के नेताओं को भी शामिल किया जा सकता है।