ईरान के राष्ट्रपति ने की बात करने की इच्छा, कहा तानाशाही और दबाव बिल्कुल नहीं सहेंगे.

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने दुनिया के सामने साफ कर दिया है कि उनका देश हमेशा से बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से मसलों को सुलझाने के लिए तैयार रहता है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA News Agency की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 26 सितंबर 2026 को यह बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान किसी भी तरह की धमकी, दादागिरी या बाहरी दबाव के आगे बिल्कुल नहीं झुकेगा और ताकत की भाषा का कड़ा विरोध करता है।
परमाणु कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कानून पर कही यह बात
न्यूयार्क में हुए UN General Assembly (UNGA 2026) के मंच से भाषण देने के बाद राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों और Nuclear Non-Proliferation Treaty (NPT) के दायरे में रहकर अपने 60 प्रतिशत तक enriched uranium के भंडार को छोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण नागरिक परमाणु कार्यक्रम चलाना हर देश का बुनियादी हक है और ईरान कभी भी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं कर रहा है।
अमेरिका और इसराइल के साथ चल रही है कूटनीति
संयुक्त राष्ट्र महासभा के बाद से ही कूटनीति का दौर लगातार जारी है। इस दौरान ईरानी और अमरीकी राजनयिकों के बीच आपसी बैठकों में कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। तेहरान की तरफ से यह प्रस्ताव रखा गया है कि अगर देश पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं, तो वे Strait of Hormuz को दोबारा खोलने पर विचार कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, अमरीकी अधिकारियों ने पहले जलडमरूमध्य से जुड़े मामलों पर कदम उठाने की मांग रखी है।
फ्यूचर प्लानिंग और फॉक्स न्यूज इंटरव्यू
न्यूयार्क यात्रा के दौरान राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमरीकी राष्ट्रपति Donald Trump और उनके समर्थकों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए Fox News को एक इंटरव्यू भी दिया। उनकी सरकार का मुख्य मकसद नवंबर में होने वाले अमरीकी मध्यावधि चुनावों से पहले जून के महीने में हुए युद्धविराम समझौते को फिर से पटरी पर लाना है। अपने 23 सितंबर के भाषण में उन्होंने इसराइल द्वारा गाजा में की जा रही कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की और अमरीका तथा इसराइल पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप भी लगाया।