BRICS Summit में ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को सुनाई खरी-खखरी, बोले- मिडिल ईस्ट को पुलिसमैन की जरूरत नहीं.

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मध्य पूर्व यानी मिडिल ईस्ट को किसी भी बाहरी देश या अमेरिका की ओर से क्षेत्रीय पुलिसमैन की भूमिका निभाने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह बात उन्होंने शनिवार, 12 सितंबर 2026 को मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ हुई एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान कही। राष्ट्रपति पेजेश्कियन का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब दुनिया भर की नजरें इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर टिकी हुई थीं।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में चल रहे इस दो दिवसीय सम्मेलन में 11 सदस्यीय ब्रिक्स ब्लॉक के बीच कई अहम मुद्दों पर गहन बातचीत हुई। इस ब्लॉक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रिका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई शामिल हैं। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति बनाने के लिए शनिवार सुबह करीब 4 बजे तक काम किया ताकि एक साझा बयान को अंतिम रूप दिया जा सके। इस दौरान ईरान और यूएई जैसे देशों के अपने-अपने क्षेत्रीय हित और चिंताएं थीं, जिन्हें संतुलित करने का पूरा प्रयास किया गया। पीआईबी की एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स गठबंधन किसी भी तरह से पश्चिमी देशों के खिलाफ कोई मंच नहीं है, बल्कि यह उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक शासन व्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और प्रतिबंधों पर चर्चा
इससे पहले शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी और इजरायल की सैन्य आक्रामकता की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर एक तरह से जंग जैसे हालात बने हुए हैं। ब्रिक्स सदस्य देशों के सामने अपनी बात रखते हुए उन्होंने अपील की कि सभी देश एक ऐसे वित्तीय तंत्र को विकसित करें जिससे अमेरिकी और पश्चिमी देशों के एकतरफा प्रतिबंधों से बचा जा सके। इसके लिए उन्होंने आपसी व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने ऊर्जा, खाद्य और परिवहन आपूर्ति श्रृंखलाओं के मामले में ईरान को एक बेहद अहम और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार के रूप में पेश किया।
सम्मेलन में शामिल नेताओं ने आपसी बातचीत के बाद साल 2025 के रियो घोषणा पत्र की भाषा को बनाए रखने में सफलता हासिल की। इसके तहत गाजा को कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र का एक अभिन्न हिस्सा माना गया है, जिसे भविष्य में वेस्ट बैंक के साथ मिलाकर फिलिस्तीनी अथॉरिटी के अधीन एकजुट किया जाना है। इस पूरी बैठक और इससे जुड़े आधिकारिक अपडेट्स के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप PIB Press Release पर जा सकते हैं। इस सम्मेलन से जुड़ी तमाम बातें यह दर्शाती हैं कि उभरते हुए देश अब अपने फैसले खुद लेना चाहते हैं और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।