अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस जीता, ईरान बोला- जनता ने युद्ध को ना कहा
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन की हार पर ईरान ने खुशी जताई है। ईरानी अधिकारियों ने इसे गाजा और ईरान युद्ध के खिलाफ जनता का संदेश बताया।

तेहरान: 3 नवंबर 2026 को हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों पर नियंत्रण पाने के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी अधिकारियों ने रिपब्लिकन पार्टी की इस हार को अमेरिकी जनता का एक कड़ा संदेश करार दिया है।
ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के संचार और सूचना उपायुक्त मेहदी तबतबाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि दुनिया ने अमेरिकी जनता से एक गूंजता हुआ संदेश सुना है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की इस विफलता को अमेरिकी चुनावों के इतिहास की सबसे बड़ी हार बताया।
तबतबाई के मुताबिक, इस नतीजे के पीछे गाजा में हुए मानवीय अपराध, अवैध इजरायली शासन के हितों का अंधा समर्थन और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ चल रहा अंतहीन युद्ध मुख्य कारण रहे हैं।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर कालिबाफ ने कहा कि अमेरिकी मतदाताओं ने युद्ध को 'ना' कह दिया है और तेहरान इस संदेश का समर्थन करता है। कालिबाफ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी सरकार जनता की इच्छा के साथ विश्वासघात करती है, तो यह एक बुरा सपना साबित होगा।
संसद के डिप्टी स्पीकर अली निकजाद ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को मिले इस झटके को ईरानी लोगों के खिलाफ उनकी हार का सीधा परिणाम बताया। खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान के साथ संघर्ष रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार का एक कारण रहा है।
विश्लेषणों के अनुसार, महंगाई और जारी युद्ध को लेकर मतदाताओं की नाराजगी इस परिणाम की मुख्य वजह रही। अब कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत के कारण उनके पास राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों में प्रशासन के एजेंडे को चुनौती देने, जांच करने और पुष्टि मतों को प्रभावित करने की विधायी शक्ति होगी।