Iraq Airport Protests: इराक में फ्लाइट रद्द होने पर फूटा गुस्सा, तेल निर्यात रुकने से देश को 60 अरब डॉलर का भारी नुकसान

इराक के अल-नजफ अल-अशर्फ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बाहर 28 सितंबर 2026 को सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में इराकी झंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे ये लोग लगातार फ्लाइट रद्द होने से बेहद परेशान थे। इस प्रदर्शन के पीछे देश की गंभीर आर्थिक स्थिति है, जो पिछले कुछ समय से लगातार बदतर होती जा रही है। ईरान के साथ चल रहे तनाव और युद्ध के कारण इराक को अपने तेल राजस्व में लगभग 60 अरब डॉलर का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। इस संकट की मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना है, जिसके कारण पारंपरिक खाड़ी मार्गों से होने वाले तेल के निर्यात पर पूरी तरह से रोक लग गई है।
आर्थिक संकट और वैकल्पिक रास्तों की तलाश
इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने हाल ही में देश के सामने आ रही इन बड़ी आर्थिक चुनौतियों को स्वीकार किया है। पिछले दिनों 25 सितंबर 2026 को आयोजित 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान, प्रधानमंत्री अल-जैदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तुर्किये, जॉर्डन और सीरिया के जरिए तेल निर्यात के रास्तों को विविधता देने की बात कही थी। इसके अलावा, इराक के तेल मंत्री बासिम मोहम्मद खुदैैर ने संसद को बताया था कि 20 सितंबर तक देश की तेल निर्यात क्षमता बढ़कर 4.254 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) तक पहुंच गई थी, हालांकि वास्तविक शिपिंग अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य पर ही निर्भर है। तेल मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर महीने में औसतन प्रतिदिन निर्यात लगभग 2.6 मिलियन बैरल दर्ज किया गया है। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप WAM News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव लगातार बना हुआ है और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 28 सितंबर को साफ कर दिया था कि ईरान इस संघर्ष को जारी रखने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद ही रहेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के लिए रास्ता खोलने के प्रस्ताव को पहले ही खारिज कर दिया था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडम ब्रैड कूपर ने बताया कि इस रास्ते से 2,000 से अधिक कमर्शियल जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रूप से कराई गई है, और अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने औसतन लगभग 13 मिलियन bpd के प्रवाह की बात कही है।
इन सब के बावजूद इराक लगातार दूसरे विकल्पों पर काम कर रहा है। इनमें जॉर्डन के साथ बसरा से अकाबा तक पाइपलाइन प्रोजेक्ट और सीरिया के किरकुक-बनियास पाइपलाइन को दोबारा शुरू करने की योजना शामिल है, जिसे इराकी मंत्रिपरिषद द्वारा 19 अगस्त 2026 को मंजूरी दी गई थी। हालांकि सरकारी अधिकारी खुद यह मानते हैं कि ये वैकल्पिक रास्ते अभी पूरी तरह से होर्मुज जलडमरूमध्य की जगह नहीं ले सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने में अभी और समय लग सकता है।