Iraq और Turkiye के बीच दीर्घकालिक ऊर्जा समझौते पर बातचीत शुरू

मध्य पूर्व के दो बड़े देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में आपसी सहयोग को एक नया आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। Iraq और Turkiye energy talks के तहत अंकारा में आधिकारिक और उच्च-स्तरीय बैठकों का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच तेल और गैस के लिए एक मजबूत और दीर्घकालिक फ्रेमवर्क समझौता तैयार करना है।
यह वार्ता पिछले कुछ महीनों से चल रही रणनीतिक चर्चाओं का ही अगला चरण है। इससे पहले दोनों देशों ने अगस्त के शुरुआती दिनों में एक अंतरिम समझौते पर सहमति जताई थी, जिसके जरिए इराक के कच्चे तेल की निकासी के लिए एक निश्चित दैनिक ट्रांजिट क्षमता तय की गई थी। अब दोनों पक्ष इसे एक स्थायी और व्यापक रूप देने में जुटे हैं।
किन मुद्दों पर हो रही है चर्चा?
- तेल और गैस के बुनियादी ढांचे का विकास
- पेट्रोकेमिकल उद्योग और ऊर्जा खोज में साझेदारी
- निर्यात मार्गों को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना
- बिजली क्षेत्र में आपसी सहयोग और तकनीकी साझाकरण
बैठक में इराकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व देश के तेल मंत्री कर रहे हैं, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न निगमों के महानिदेशक शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, तुर्की पक्ष की कमान वहां के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री के हाथ में है। दोनों पक्षों का साझा उद्देश्य ऊर्जा व्यापार को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करना है।
रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
इस पूरी बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा परिवहन मार्गों का विस्तार करना है। तुर्की के ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण किर्कुक-सेहान पाइपलाइन को दक्षिण इराक के बसरा प्रांत तक बढ़ाने की योजना पर विचार चल रहा है। इस विस्तार से पाइपलाइन की कुल क्षमता में भारी इजाफा होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं वैकल्पिक ऊर्जा मार्गों को विकसित करने में मदद करती हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला अधिक स्थिर और सुरक्षित बनती है। आने वाले दिनों में दोनों देशों द्वारा संयुक्त कार्य समूहों का गठन किया जाएगा, जो इन दीर्घकालिक परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से काम करेंगे।