Saudi Pipeline पर ड्रोन हमला, इराक ने ईरान से सटी सीमाएं की बंद, मसन ऑपरेशंस कमांडर बर्खास्त.

सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमलों के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा में बड़ा कदम उठाते हुए इराक सरकार ने ईरान के साथ अपनी कई सीमा चौकियों को बंद करने का आधिकारिक ऐलान किया है। शनिवार, 12 सितंबर 2026 को लिए गए इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और हाल ही में हुई सुरक्षा चूकों की गहराई से जांच करना है। यह घटनाक्रम 10 सितंबर को हुए उन हमलों के बाद सामने आया है, जिनके कारण सऊदी अधिकारियों को एहतियात के तौर पर 11 सितंबर को इस बड़ी सुविधा पर कामकाज अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था। इस पूरी घटना से खाड़ी देशों में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और आम जनता तथा यात्रियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बन गई है।
इराकी प्रधानमंत्री का कड़ा रुख और प्रशासनिक कार्रवाई
इराक के प्रधानमंत्री अली फालिह अल-जा यदि ने इस पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए स्पष्ट किया है कि शुरुआती सबूतों से संकेत मिलता है कि ये ड्रोन मसन गवर्नरेट से लॉन्च किए गए थे। इस गंभीर सुरक्षा चूक के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री ने तुरंत बड़ा कदम उठाते हुए मसन ऑपरेशंस के कमांडर को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है और इस घटना के असली दोषियों की पहचान करने के लिए एक विशेष जांच परिषद का गठन भी किया है। इराकी सुरक्षा मीडिया सेल ने जानकारी दी है कि प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सीमाओं को बंद करना बेहद जरूरी था। इस आदेश के तहत शलामचेह, अल-शाइब और मंडली जैसी प्रमुख सीमा चौकियों को प्रभावित किया गया है, जबकि बसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ईरान आने-जाने वाली उड़ानों को भी फिलहाल निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, आम लोगों और यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि ज़ुर्बाटिया और अल-मुन्दिरीया सीमा चौकियां अभी भी यात्रियों के लिए पूरी तरह खुली हुई हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर असर
ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में सुरक्षा और कानून प्रवर्तन मामलों के उपाध्यक्ष वलीउल्लाह हयाती ने भी इराकी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए शलामचेह और जाज़ाबेह क्रॉसिंग के बंद होने की पुष्टि की है। इराकी प्रधानमंत्री ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि इराक किसी भी सूरत में अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ हमलों के लिए लॉन्चपैड के रूप में नहीं होने देगा। इस बीच, सऊदी अरब ने इराक सरकार के एक औपचारिक अनुरोध पर सहमति जताते हुए फिलहाल तुरंत सैन्य प्रतिक्रिया से बचने का फैसला किया है, ताकि बगदाद सरकार अपनी सीमाओं को सुरक्षित कर सके और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पूरी कर सके। हालांकि, सऊदी विदेश मंत्रालय ने अपनी संप्रभुता और देश के बुनियादी ढांचे की रक्षा करने के अपने अधिकार को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। इस मामले की विस्तृत और आधिकारिक जानकारी आप Qatar News Agency (QNA) की रिपोर्ट पर देख सकते हैं।