सऊदी अरब पर हुए हमले के बाद इराक का बड़ा कदम, ईरान से लगे तीन बॉर्डर क्रॉसिंग अनिश्चितकाल के लिए बंद.

सऊदी अरब पर हुए हालिया हमले के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर सख्ती काफी ज्यादा बढ़ा दी गई है। इसी बीच इराक सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ईरान के साथ लगी अपनी तीन महत्वपूर्ण सीमाओं को पूरी तरह से बंद करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। 11 सितंबर 2026 को लिए गए इस कड़े फैसले के बाद से दोनों देशों के बीच आवाजाही पर रोक लग गई है और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से सख्ती से निपटा जा सके।
कमान्डर-इन-चीफ के आदेश पर बंद हुए बॉर्डर
इराक सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, ईरान की सीमा से जुड़े शलामहेश (Shalamcheh), अल-शाइब (Al-Shaib) और मंडली (Mandali) बॉर्डर क्रॉसिंग को पूरी तरह से शटर डाउन कर दिया गया है। शलामहेश क्रॉसिंग को बंद करने का सीधा आदेश इराकी सशस्त्र बलों के कमान्डर-इन-चीफ के कार्यालय से जारी किया गया था। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री अली अल-जािदी (Ali Al-Zaidi) ने हालात की गंभीरता को देखते हुए अल-शाइब और मंडली बॉर्डर को भी बंद करने के कड़े निर्देश दे दिए ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो सके।
सऊदी ऑयल पाइपलाइन पर हुआ था हमला
प्रधानमंत्री अली अल-जािदी ने सऊदी अरब पर हुए इस खतरनाक हमले की कड़ी निंदा की है और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय और तुरंत जांच बिठाने की बात कही है। शुरुआती रिपोर्ट्स में यह सामने आया था कि सऊदी अरब के एक ऑयल पाइपलाइन पर जो हमला किया गया, वह इराक के मैसेन (Maysan) प्रांत वाले इलाके से ही शुरू हुआ था। इस बड़ी लापरवाही और सुरक्षा चूक के बाद प्रधानमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मैसेन प्रांत के ऑपरेशंस कमांडर को उनके पद से बर्खास्त कर दिया है ताकि यह साफ संदेश जा सके कि सरकार सुरक्षा मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी।
इराकी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगी सरकार
इराक सरकार ने अपनी पुरानी राष्ट्रीय नीति को एक बार फिर से दोहराया है और साफ शब्दों में कहा है कि देश की किसी भी जमीन या फिर एयरस्पेस का इस्तेमाल किसी भी दूसरे देश के खिलाफ आक्रामकता दिखाने या हमला करने के लिए बिल्कुल नहीं किया जाएगा। सरकार का यह रुख साफ करता है कि वे क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और अपनी सीमा से किसी भी प्रकार की गलत गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले लोगों के लिए भी इस तरह की घटनाएं काफी चिंताजनक होती हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की सख्ती से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।