बगदाद पड़ोसी देशों पर हमले के लिए जमीन नहीं देगा, पीएम अल-ज़ैदी का ट्रंप को फोन पर जवाब
इराक के पीएम अली अल-ज़ैदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भरोसा दिलाया कि इराक की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए नहीं होगा।

बगदाद: इराक के प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक उच्च स्तरीय फोन बातचीत की है। 5 नवंबर, 2026 को हुई इस बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा हुई, खासकर ईरान के खिलाफ जारी अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच। पीएम अल-ज़ैदी ने स्पष्ट किया कि बगदाद किसी भी कीमत पर अपने क्षेत्र का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले करने के लिए नहीं होने देगा।
प्रधानमंत्री ने संप्रभुता और कूटनीतिक समाधान के महत्व पर जोर दिया। अपनी प्रतिबद्धता को जमीन पर उतारने के लिए उन्होंने बसरा में तत्काल चार सैन्य ब्रिगेड तैनात करने का आदेश दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ईरान समर्थित मिलिशिया इराक की मिट्टी का उपयोग सीमा पार अभियानों के लिए न कर सकें।
फरवरी 2026 में शुरू हुए इस संघर्ष ने इराक की अर्थव्यवस्था को भारी चोट पहुंचाई है। इराकी सरकार के अनुमान के मुताबिक, अस्थिरता और तेल निर्यात में आई बाधा के कारण देश को लगभग 60 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है।
इराक के विदेश मंत्री फुअद हुसैन ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी है कि ईरान के खिलाफ किसी भी नए या विस्तारित युद्ध का परिणाम इराक के लिए "तबाही" जैसा होगा।
व्हाइट हाउस ने 5 नवंबर की इस बातचीत पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारी लगातार इराकी सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि वह ईरान समर्थित मिलिशिया को बेअसर करे। वाशिंगटन का मानना है कि ये समूह अमेरिका के हितों और सऊदी अरब व कुवैत जैसे पड़ोसी देशों को निशाना बना रहे हैं।